बारां के बहुचर्चित गौरव शर्मा हत्याकांड में बड़ा फैसला, दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा
बारां के बहुचर्चित गौरव शर्मा उर्फ विम्मी हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों राजेंद्र मीणा मूंडला और रामकुंवार मीणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। करीब तीन साल बाद आए इस फैसले पर परिजनों ने न्याय की जीत बताते हुए संतोष जताया।

तस्वीर में बारां नगर परिषद के तत्कालीन उपसभापति गौरव शर्मा पगड़ी पहने और फूलों की माला पहने दिखाई दे रहे हैं।
बारां के बहुचर्चित नगर परिषद के तत्कालीन उपसभापति एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा उर्फ विम्मी हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने राजेंद्र मीणा मूंडला और रामकुंवार मीणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। करीब तीन साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में आए फैसले को मृतक के परिजनों ने न्याय की जीत बताया है।
यह मामला 7 जून 2023 का है। बारां शहर के तलावड़ा रोड पर जमीन विवाद को लेकर नगर परिषद के तत्कालीन उपसभापति एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव शर्मा पर जानलेवा हमला किया गया था। अभियोजन के अनुसार राजेंद्र मीणा ने गौरव शर्मा के सिर में गोली मार दी, जबकि रामकुंवार मीणा भी घटना के दौरान उसके साथ मौजूद था। गंभीर रूप से घायल गौरव शर्मा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे बारां जिले में आक्रोश फैल गया था और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठी थी।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। विस्तृत अनुसंधान के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखा। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
गौरव शर्मा बारां की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र का जाना-पहचाना चेहरा थे। नगर परिषद के उपसभापति और शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था और इस मामले की सुनवाई पर लंबे समय से लोगों की नजरें टिकी हुई थीं। अब अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव पूरा हो गया है।
न्यायालय के फैसले के बाद गौरव शर्मा के परिजनों ने इसे न्याय की जीत बताते हुए संतोष व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि गौरव शर्मा केवल उनके परिवार के सदस्य नहीं थे, बल्कि समाजसेवी विचारधारा के ऐसे जनप्रतिनिधि थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन जनकल्याण और लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। उनकी हत्या ने पूरे परिवार को गहरा दुख पहुंचाया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
परिजनों ने कहा कि घटना के बाद से वे न्याय मिलने की उम्मीद में थे। आज अदालत के फैसले ने उनका न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत किया है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।” उन्होंने कहा कि आज उन्हें न्याय मिला है और अपराधियों को उनके अपराध की उचित सजा मिली है। हालांकि गौरव शर्मा की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन इस फैसले से परिवार को यह संतोष जरूर मिला है कि कानून ने अपना काम किया है।
करीब तीन वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद जिला एवं सेशन न्यायालय ने गौरव शर्मा हत्याकांड में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर महत्वपूर्ण फैसला दिया है। इस फैसले को न्याय की जीत माना जा रहा है, जबकि मृतक के परिजनों का कहना है कि देर से ही सही, उन्हें आखिरकार न्याय मिल गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
