बारां। बारां के एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान गौ-रक्षक सेवा संघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा निमोदा ने जिला प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए तीखा प्रहार किया। गौरव शर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रशासन की संवेदनहीनता और वादाखिलाफी के कारण आज बारां जिले की सड़कों पर गौवंश अत्यंत दयनीय स्थिति में है। उन्होंने पत्रकारों को अवगत कराया कि ठीक तीन माह पूर्व गौसेवकों के विशाल आंदोलन के बाद प्रशासन ने पांच सूत्रीय मांगों पर लिखित सहमति जताई थी, किंतु ९० दिन का समय बीत जाने के उपरांत भी धरातल पर एक भी कार्य आरंभ नहीं हुआ है, जिससे समस्त हिंदू समाज और गौसेवकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

वर्तमान विकट परिस्थितियों पर चिंता साझा करते हुए यशवंत शर्मा ने बताया कि नगर में आधुनिक गौ-एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त अथवा बीमार गायें घंटों सड़क पर तड़पकर दम तोड़ने को विवश हैं। इसके साथ ही, नियाना स्थित कचरा प्लांट को सुचारू करने में हो रही अनावश्यक देरी के चलते गौवंश सड़कों पर बिखरा कचरा और जानलेवा पॉलिथीन खाने को मजबूर है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर गौवंश के व्यवस्थित अंतिम संस्कार और एक बड़ी आधुनिक गौशाला के निर्माण जैसी जायज मांगों को अब तक ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया है? ऐसी घोर अनदेखी न केवल बेजुबान जानवरों के लिए प्राणघातक सिद्ध हो रही है, बल्कि यह गौमाता के प्रति जनमानस की आस्था का भी अपमान है।

प्रेस वार्ता के अंत में प्रियांशु शर्मा ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि अब केवल खोखले आश्वासनों से संतोष नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी एक माह के भीतर बारां नगर में गौ-एम्बुलेंस की व्यवस्था, आधुनिक गौशाला का निर्माण, नियाना कचरा प्लांट का संचालन और गौवंश के ससम्मान अंतिम संस्कार की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो बारां सहित संपूर्ण कोटा संभाग के गौसेवक सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। इस संभावित संभाग स्तरीय आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की समस्त जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासन की होगी। इस अवसर पर मनोज शर्मा, यशवंत शर्मा, आकाश सुमन, वैभव नागर, रवि पंडित, गौरव शर्मा गजनपुरा, संजय सुमन, नवनीत पंकज और कृष वेश सहित जिले के विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे, जिन्होंने गौवंश की समस्याओं से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से रखे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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