बारां में सेवा की मिसाल: 20 से अधिक बुजुर्ग श्रद्धालुओं को निःशुल्क खाटूश्याम जी तीर्थयात्रा पर किया रवाना
बारां में लटूर जी मावा वाले सेवा सदन ने 20 से अधिक बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सभी सुविधाओं के साथ निःशुल्क खाटूश्याम जी तीर्थयात्रा पर रवाना किया।

तस्वीर में बारां बस स्टैंड पर खड़े पुरुष और बच्चे एक बस के आगे बैनर के साथ नजर आ रहे हैं, जहां निःशुल्क खाटूश्याम तीर्थयात्रा की शुरुआत की जा रही है।
बारां में लटूर जी मावा वाले सेवा सदन ने सेवा और समर्पण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बुजुर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क खाटूश्याम बाबा तीर्थयात्रा का आयोजन किया। संस्था की ओर से 20 से अधिक श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ विधिवत रवाना किया गया।
संस्था की इस सेवा पहल के तहत यात्रियों के लिए परिवहन, भोजन, पानी, नाश्ता, ठहरने की व्यवस्था, हाथ खर्च तथा मेडिकल किट सहित सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। यात्रा शुरू होने से पहले बारां बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और शुभकामनाओं के साथ भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
यह सेवा कार्य संस्था के सक्रिय सदस्य मनोज ओझा के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया। मनोज ओझा ने बताया कि सेवा सदन की टीम पिछले कई दिनों से यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई थी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का चयन विशेष रूप से ऐसे बुजुर्ग महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं में से किया गया, जो पहले कभी खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए नहीं जा सके थे अथवा आर्थिक रूप से यात्रा करने में पूर्णतः असमर्थ थे। इस यात्रा में 13 महिलाओं सहित 20 से अधिक श्रद्धालुओं को शामिल किया गया।
संस्था के मार्गदर्शक राजू कालरा ने बताया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व प्रत्येक व्यवस्था की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संस्था की ओर से दो स्वयंसेवकों की विशेष जिम्मेदारी निर्धारित की गई। साथ ही परिवहन, ठहरने एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं की अग्रिम पुष्टि कर यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाया गया।
संस्था के प्रतिनिधि रमाकांत गुप्ता ने बताया कि सेवा सदन का उद्देश्य ऐसे बुजुर्ग एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं को बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश स्वयं तीर्थयात्रा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा एवं धार्मिक कार्य निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में रमाकांत गुप्ता, मनोज ओझा, ओम गौतम चैला, कपिल सोनी, महेश कुमार, अंकित मारू, हेमलता गुप्ता, दिनेश खेतान, हर्षिता पारीक, दीपक अग्रवाल, अनीता गुप्ता, रवि गुप्ता, योगिता गुप्ता, कुशल गुप्ता, दर्शिल गुप्ता एवं मानस गुप्ता सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। यह पहल समाज सेवा और धार्मिक आस्था के समन्वय का एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आई।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
