बारां: खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण का व्यापारियों ने किया बहिष्कार, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर फूटा गुस्सा
शाहाबाद रोड पर आयोजित फोस्टॉक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों के देरी से पहुंचने और दिल्ली से ट्रेनर न आने के कारण व्यापार महासंघ ने कार्यशाला का त्याग किया।

बारां। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मंगलवार 17 मार्च को शहर के शाहाबाद रोड स्थित एक निजी वाटिका में प्रातः 9:00 से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित किए गए खाद्य सुरक्षा योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले भर के सभी व्यापारियों को मुख्य चिकित्सा एवं अधिकारी तथा खाद्य अधिकारी एवं औषधि नियंत्रक के माध्यम से आमंत्रित किया था, आश्चर्य यह रहा कि वह स्वयं ही उक्त बैठक से गायब रहे?
अधिकारियों की लापरवाही और व्यापारियों का इंतजार
व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सामग्री, दूध, पनीर, मिठाई, भोजन, दवाइयां आदि का व्यापार करने वाले सभी व्यापारियों को खाद्य अधिकारी एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से आमंत्रित किया था, जिसको देखते हुए वह सभी नियत स्थान पर पहुंच भी गए थे, लेकिन समय गुजर जाने के बाद भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचे, जो की एक बहुत बड़ी विडंबना है। बाटा ने बताया कि सभी ट्रेड व्यापार संघ जो कि इस प्रशिक्षण की श्रेणी में आते हैं, उन सभी को उन्होंने व्यापार संघों के अध्यक्षों के माध्यम से एवं व्यक्तिगत दूरभाष पर आने पर बाध्य किया था। समायानुसार सभी व्यापारी अपनी दुकान खोलने की जगह बंद कर इस प्रशिक्षण शाला में प्रातः 9:00 बजे पहुंच गए, लेकिन 11:00 बजे तक कोई भी अधिकारी इस कार्यशाला में नहीं पहुंचा था।
दिल्ली से ट्रेनर न आने का बहाना और अव्यवस्थाएं
दो घंटे इंतजार कर 11:00 बजे बाटा एवं अन्य व्यापारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, पर अधिकारी ने फोन तक नहीं उठाया? खाद्य अधिकारियों से संपर्क किया, तो एक अधिकारी ने कहा "आप पहुंचो, हम आधे घंटे में पहुंच रहे हैं," कुछ देर पश्चात दूसरे खाद्य अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने पहले वाले खाद्य अधिकारी का वहीं पर होना बताया, जबकि वहां कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। वहां पर किसी कर्मचारी ने कहा कि "प्रशिक्षण हेतु ट्रेनर जो दिल्ली से आने वाला था, वह अभी तक बारां ही नहीं पहुंचा, उनके आने के पश्चात ही कार्यशाला प्रारम्भ होंगी।" फिर भी सभी व्यापारी प्रशिक्षण कार्यशाला के स्थान पर ही बैठे रहे, परंतु अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर सभी व्यापारी नाराज हो प्रशिक्षण कार्यशाला का बहिष्कार कर वापस लौट आए।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और पुरानी शिकायतें
व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा ने कहा कि "पंडाल में 200 कुर्सियां लगा 1000 व्यक्तियों का आयोजन किया जाना कहां की तुकबंदी है, जहां बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी, चार घंटे की कार्यक्रम शाला थी, गर्मी के मौसम में पेयजल भी उपलब्ध नहीं था, हां इतना जरूर था कि सिर्फ प्रशिक्षण कार्यशाला के फार्म एक कर्मचारी द्वारा बटवाए जा रहे थे, सभी से कहा जा रहा था फॉर्म भर कर जमा करवा दीजिये।" उन्होंने कहा कि पिछले साल भी ऐसी एक कार्यशाला बारां में आयोजित की गयी थी, उस कार्यशाला के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अभी तक नहीं आये है, बाटा ने कहा कि सभी व्यापारियों को नाजायज परेशान कर केवल सरकारी खाना पूर्ति और जमा खर्च हो रहा था।
भीड़ जुटाने के लिए अन्य विभागों का सहारा और विरोध
व्यापार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष देवकीनंदन बंसल, ललित मोहन खंडेलवाल, देवकीनंदन विजय, विमल बंसल, वेद प्रकाश टक्कर, कालीम भाई बोहरा, सेन कुमार अदलकखा, शेखर कुमरा, जयेश गालव, कमलेश गोयल, राकेश जैन, मनीष लशकारी, हरिमोहन बंसल, महासचिव कन्हैया लाल चित्तोडा, शंकर माहेश्वरी, नरेश नंदवाना, उपाध्यक्ष नरेश खंडेलवाल, मोरपाल सुमन, कपिल पोरवाल, चंचल खंडेलवाल, कमलेश जैन, जीतेन्द्र आदलखा, हरिप्रकाश भड़ना, पंकज हरचंदानी, मुरारी राठौर, आनंद बंसल, भानु पोरवाल, संजय गुप्ता, नरेंद्र बोरीना, संजय शर्मा, महेंद्र शर्मा, दिलीप चौबे, मनोज बाठला, मनोज पिपलानी, मनोज मारू, राहुल कुमरा, पुनीत कुमरा, आसिफ भाई, पराग टोंगिया, वरुण अजमेरा, सत्य प्रकाश शर्मा, शरद जैन, महेंद्र बंसल, चेतन लाजवाब, शुभम नामा, अंकित मरू, संतोष गोयनका, विकास गौधा सहित आदि व्यापारियों ने कहा कि यह कार्यशाला सिर्फ व्यापारियों के लिए आयोजित की थी, जिसमें व्यापारियों के अलावा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व कई सरकारी लाभार्थी भी वहां पर मौजूद थे, जबकि यह आयोजन व्यापारियों के लिए ही किया गया था। सरकारी नुमाइंदों ने व्यापारियों के कार्यक्रम में भीड़ दिखाने का नायाब तरीका अख्तियार किया।
प्रशासन को चेतावनी और मुख्यमंत्री को शिकायत
सभी व्यापारिक संगठनों ने इस प्रशिक्षण का विरोध कर बहिष्कार किया व नाराज होकर वहां से बाहर आ गए। व्यापारियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि "अधिकारियों ने क्या व्यापारियों को कठपुतली समझ रखा है, खुद एसी में बैठ हवा खा रहे हैं और व्यापारियों को गर्मी में खड़ा किया हुआ है।" व्यापार महासंघ अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने उन सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जिन अधिकारियों ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था, वह भविष्य में इस तरह के कभी कोई भी आयोजन नहीं करें और यदि करें भी तो नियत स्थान पर समय की बाध्यता रखते हुए स्वयं भी पहुंचे और व्यापारियों के अलावा अन्य किसी को भी कार्यशाला में आमंत्रित ना करें, यदि फिर भी इसकी पुनरावृत्ति होती है तो व्यापारी पुनः ऐसी कार्यशाला का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि हर आपदा और परिस्थितियों में सभी व्यापारियों ने हमेशा प्रशासन का सहयोग ही किया है लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा व्यापारियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त के बाहर है। व्यापारियों ने इस आयोजन से संबंधित सभी अधिकारियों की घोर निंदा की है। व्यापार महासंघ अध्यक्ष योगेश बाटा ने कहा कि इस समूची घटनाक्रम के विवरण को राज्य के संबंधित उच्चाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया गया है।

Pratahkal Bureau
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