बारां: घर खड़ी गाड़ी का कटा टोल, फास्टैग प्रणाली पर उठे सवाल
आदर्श नगर निवासी बाबूलाल मेघवाल के घर खड़ी कार का चौहमला सीता मऊ मार्ग पर टोल कटने से तकनीकी प्रणाली और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

बारां के आदर्श नगर में घर के बाहर खड़ी बाबूलाल मेघवाल की कार जिसका उपयोग किए बिना ही सोमवार को टोल राशि कटने का संदेश प्राप्त हुआ।
राजेंद्र शर्मा, बारां। शहर के कोटा रोड आदर्श नगर निवासी बाबूलाल मेघवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 23 फरवरी, सोमवार को उनकी गाडी दो दिन से घर पर खडी हुई है, लेकिन इसके बावजूद चौहमला सीता मउ मार्ग पर रोजहाना गांव के पास स्थित टोल प्लाजा से सायं 6 बजे टोल कटने के मैसेज आया तो बाबूलाल व परिजन हैरान रह गए कि अगर गाडी सडक तक गई नहीं तो टोल कैसे कट गया।
मेघवाल ने बताया कि अब सवाल यह है कि क्या यह गलत नंबर प्लेट रिडिंग का मामला है, क्या फास्टैग क्लोनिंग या डेटा एन्ट्री त्रुटी हुई या क्या टोल प्लाजा की (एएनपीआर) प्रणाली में तकनीकी खामी है।
- बाबूलाल मेघवाल ने टोल प्लाजा एवं आरएसआरडीसी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से मांग की है कि मामले की जांच की जाए।
- सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करें और कटी हुई राशि वापस की जाए।
मेघवाल ने बताया कि "वाहन घर पर खडा हो और टोल कट जाए तो आम नागरिक की सुरक्षा और डिजिटल भुगतान प्रणाली पर भरोसा कैसे कायम होगा। यह सिफ एक वाहन का मामला नहीं है। बल्कि टोल प्रबंधन प्रणाली पर बडा प्रश्नचिन्ह हैं।"
इस प्रकार की घटनाएं आए दिन होने के उपरांत भी आरएसआरडीसी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सरकार को चाहिए तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
ज्ञात रहे कि इस प्रकार की अनेकों बार जानकारी मिली है कि घर पर खड़े हुए वाहन के चालान कट गए हैं जबकि गाड़ी कहीं गई नहीं। इसी प्रकार कुछ माह पूर्व बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश बाटा के साथ भी ऐसी घटना हुई:
- उनके घर पर खड़े ऑटो के दो बार चालान कट चुके हैं।
- उन्होंने स्थानीय डीटीओ तथा जयपुर स्थित संबंधित कार्यालय पर संपर्क किया और ऑनलाइन शिकायत भी की लेकिन अधिकारी है कि मानने को तैयार नहीं है।
- उन्होंने सिमलिया टोल कार्यालय पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त कर संबंधित कार्यालय को भेजें, जिसमें उस समय अन्य वाहन के नंबर तथा वहां के फुटेज आ रहे हैं।
उनका ऑटो जोकि माल ढुलाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है, पिछले कई महीनो से घर पर ही खड़ा हुआ है परंतु विभागीय अनदेखी के कारण इस प्रकार की परेशानियां आ रही है।
आश्चर्य की बात तो यह है कि तीन पहिया वाहन का टोल कटता ही नहीं है? "इस प्रकार की लापरवाहियों के चलते आम जनता तथा वाहन मालिकों में नाराजगी है।"

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
