बारां: किसानों के फसली ऋण जमा करने की तिथि 30 जून तक बढ़ाने की मांग
जीएसएस व्यवस्थापकों की हड़ताल के कारण ठप पड़ा लेनदेन, अध्यक्ष प्रमोद मीणा ने सहकारिता मंत्री को पत्र लिखकर राहत देने का किया आग्रह।

बारां। राजस्थान के बारां जिले में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बारां क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष प्रमोद मीणा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मीणा ने सहकारी समितियों (जीएसएस) के माध्यम से किसानों द्वारा लिए गए बिना ब्याज के ऋण की राशि को जमा कराने और लेन-देन की अंतिम तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून करने की पुरजोर मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने सहकारिता मंत्री और रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
अध्यक्ष प्रमोद मीणा ने वर्तमान परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में सहकारी समितियों के व्यवस्थापक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। व्यवस्थापकों के कार्य बहिष्कार के कारण समितियों में किसानों का लेन-देन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे किसान अपनी ऋण राशि जमा करने में असमर्थ हैं। नियमानुसार ऋण जमा कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित है, और यदि इस समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं होती है, तो किसानों पर भारी ब्याज और पेनल्टी का आर्थिक बोझ पड़ेगा। किसानों को इस संभावित वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए मीणा ने सरकार से आग्रह किया है कि ऋण अदायगी और लेन-देन की मियाद को अनिवार्य रूप से 30 जून 2026 तक विस्तारित किया जाए। यह मांग जिले के हजारों ऋणी किसानों के भविष्य और उनकी आर्थिक स्थिरता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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