बारां। अटरू तहसील के खेडलीगंज निवासी अनुसूचित जाति के प्रार्थी गोविंद सिंह यादव पुत्र प्रकाश चन्द यादव ने विद्युत विभाग (झूला लाइन) के अधिकारियों और कर्मचारियों पर पिछले डेढ़ से दो वर्षों से लगातार मानसिक प्रताड़ना, भयभीत करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा है।

अटलपुरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-752 के समीप ग्राम मण्डोला में उसकी लगभग 12 बीघा सिंचित कृषि भूमि स्थित है। यह भूमि खसरा नंबर 2844ध्2449, 2438, 2439, 2440, 2441 और 2442 में दर्ज है। राजमार्ग और आबादी क्षेत्र के पास होने के कारण भूमि अत्यधिक उपयोगी व कीमती है। प्रार्थी के अनुसार, 23 मई 2025 को खुद को सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता बताने वाले तीन व्यक्ति उसके घर आए और भूमि के हिस्से पर झूला लाइन का टावर लगाने का दबाव बनाया। आरोप है कि इस दौरान उससे कहा गया, "तुम्हारी जमीन में ही टावर लगेगा, देखते हैं कैसे रोकते हो।"

प्रार्थी ने बताया कि इसके बाद भी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसे लगातार फोन आते रहे। 30 जुलाई 2026 को शिवराम सागर नामक कर्मचारी और 03 अगस्त 2026 को जेईएन चैथमल वर्मा ने फोन पर पुनः उसकी जमीन में टावर लगाने की बात दोहराई।

गोविंद सिंह यादव का मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि विद्युत विभाग द्वारा लाइन बिछाने के लिए कोई विधिवत डीपीआर, गजट नोटिफिकेशन या भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। उनका कहना है कि आज दिन तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक लिखित पत्र व्यवहार भी नहीं किया गया। प्रार्थी लगातार यह कहता आ रहा है कि वह असंवैधानिक मौखिक या टेलीफोनिक वार्ताओं के खिलाफ है। यदि विभाग को कोई भी कार्य करना है तो भारतीय डाक विभाग के रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से लिखित पत्र भेजा जाए, जिसका वह विधिवत जवाब देगा।

प्रार्थी के अनुसार, उसे विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उसकी जमीन पर वास्तव में टावर लगना ही नहीं था, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर लगने वाले टावर को खिसकाकर उसकी जमीन पर जबरन शिफ्ट किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रार्थी द्वारा पूर्व में थाना अटरू और थाना कोतवाली बारां में प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक, बारां से व्यक्तिगत रूप से मिलकर न्याय की गुहार भी लगाई गई है।

गोविंद सिंह यादव अटलपुरी ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, अधिकारियों की इस कार्यशैली से उपजे मानसिक तनाव और अनहोनी के खतरे से सुरक्षा दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब प्रार्थी की शिकायत में लगाए गए आरोपों और भूमि पर टावर लगाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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