बारां में अतिक्रमण और अपराध के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। दूसरे दिन भी अतिक्रमित भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए ‘पीला पंजा’ चलने से अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप मच गया, वहीं आमजन में इस कार्रवाई को लेकर संतोष और प्रशंसा का माहौल दिखाई दिया।

जिला प्रशासन, नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम ने मांगरोल रोड स्थित श्रमिक कॉलोनी के समीप डोल मेला तालाब की पाल पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत की गई, जो हाल के महीनों में जिले में बढ़ते अपराध, अवैध हथियारों की गतिविधियों, अतिक्रमण और मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त की लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद तैयार की गई थी। विश्वसनीय सूत्रों द्वारा इन गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संबंधित विभागों के मंत्रियों, उच्च अधिकारियों, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह तक पहुंचाई गई थी।

हाल ही में हुई हत्या और अपहरण की घटनाओं ने जहां आमजन और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा किया, वहीं शासन और प्रशासन को भी इस स्थिति पर गंभीर मंथन के लिए मजबूर किया। एक व्यापारी को बंदूक की नोक पर अगवा कर एक करोड़ रुपये की मांग करने की घटना ने बारां जैसे शहर में अपराध की गंभीरता को उजागर कर दिया। इस प्रकरण पर व्यापार महासंघ, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, विधायकों और आम नागरिकों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी।

इन्हीं परिस्थितियों के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस और नगर परिषद ने विस्तृत जानकारी एकत्र कर संयुक्त कार्रवाई का खाका तैयार किया, जिसके अनुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। एक दिन पूर्व की कार्रवाई में फिरौती कांड से जुड़े एक आरोपी के मकान पर भी बुलडोजर चलाया गया, जिससे स्पष्ट संदेश दिया गया कि अपराध से अर्जित या अवैध रूप से निर्मित संपत्ति को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

गुरुवार को डोल मेला तालाब की पाल के पास से करीब 45 अन्य मकानों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अतिक्रमण और अपराध को किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के लिए दो ही विकल्प हैं—या तो अपराध छोड़ दें या शहर छोड़ दें।

लगातार हो रही इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, जबकि आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होती नजर आ रही है। कार्रवाई के दौरान शहर कोतवाल भजनलाल जांगिड़, नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त भुवनेश मीणा, एईएन मानसिंह मीणा, सफाई निरीक्षक नरसिंह स्वामी सहित पुलिस और नगर परिषद के कर्मचारियों का जाप्ता मौके पर मौजूद रहा।

इस सख्त अभियान ने प्रशासन की मंशा को स्पष्ट कर दिया है कि बारां में कानून व्यवस्था और शहरी अनुशासन को हर हाल में बहाल किया जाएगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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