ग्रामीण अंचलों में सनातन संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और नैतिक संस्कारों के बीजारोपण के लिए एकल अभियान द्वारा संचालित 'श्री हरिरथ' का भव्य शुभारंभ किया गया है। बारां जिले के सुदूर गांवों में वैचारिक और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से निकले इस रथ का एकल अभियान संभाग राजस्थान के संरक्षक आचार्य परमानंद ने पूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संचालन शुरू करवाया। इस गरिमामयी और भव्य आयोजन के दौरान स्थानीय विधायक राधेश्याम बैरवा, अंचल समिति के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल, उपाध्यक्ष द्वारका लाल, कोषाध्यक्ष चतुर्भुज सुमन, संस्कार प्रमुख रविन्द्र नागर, महिला प्रमुख बीना, यशोदा तथा डॉ. हेमलता वैष्णव सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिकों और मातृशक्ति ने सहभागिता की। सभी उपस्थित जनों द्वारा महाआरती करने के पश्चात इस पावन रथ को शाहाबाद, कस्बाथाना, केलवाड़ा और समरानिया के वनवासी क्षेत्रों के लिए भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यह आधुनिक हरि सेवा रथ तकनीक और संस्कृति का एक अद्भुत संगम है, जो एक चलते-फिरते मंदिर और बड़ी एलईडी स्क्रीन से सुसज्जित है। यह रथ आगामी 6 महीनों तक निरंतर भ्रमण पर रहेगा, जिसके तहत बारां जिले के 10 संचों के अंतर्गत आने वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के 300 गाँवों को कवर किया जाएगा। राजस्थान के संरक्षक आचार्य परमानंद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह रथ केवल एक धार्मिक वाहन नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत में संस्कार, शिक्षा और संगठन को सुदृढ़ करने वाला एकल अभियान का एक गतिशील केंद्र है। "संस्कारयुक्त शिक्षा और व्यसनमुक्त समाज" के मूल मंत्र पर आधारित यह रथ आधुनिक एलईडी स्क्रीन तकनीक का उपयोग करके समाज के अंतिम व्यक्ति तक वैचारिक, नैतिक और सांस्कृतिक प्रकाश पहुँचाने का कार्य करेगा, ताकि सुदूर गाँवों के लोग अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से सुदृढ़तापूर्वक जुड़े रहें। वनवासी क्षेत्रों तक धर्म और संस्कारों का यह राष्ट्रव्यापी संदेश समाज को एक नई और कल्याणकारी दिशा प्रदान करेगा।

इस लोक-कल्याणकारी अभियान की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि एवं स्थानीय विधायक राधेश्याम बैरवा ने एकल अभियान के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस विशेष अवसर पर विधायक बैरवा ने रथ के मुख्य आयोजक, सारथी सहायक तथा रथ के साथ प्रवास पर जाने वाले कार्यालय प्रमुख ललित का दुपट्टा ओढ़ाकर और दक्षिणा प्रदान कर नागरिक अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मातृशक्ति और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया, जिन्होंने भगवा ध्वज लहराकर गगनभेदी जयकारों से पूरे वातावरण को धर्ममय कर दिया। कार्यक्रम का समापन भव्य महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। अंत में, एकल अभियान जिला समिति के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और संभ्रांत नागरिकों का आदरपूर्वक स्वागत-अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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