अंता विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण बारां जिले में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे आमजन में भारी त्राहि-त्राहि मची हुई है। क्षेत्रीय विधायक प्रमोद जैन भाया ने क्षेत्र में निरंतर बाधित हो रही जलापूर्ति पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, विधायक भाया ने स्पष्ट किया कि इस भीषण तपिश के दौर में जहां प्रशासन को पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित करना चाहिए था, वहां अंता, मांगरोल, सीसवाली, अटरू और छबड़ा जैसे कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में कई बार पत्रों के माध्यम से अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

विधायक प्रमोद जैन भाया ने विशेष रूप से अंता-नागदा-बल्देवपुरा, सिंगोला, सायगढ़, सोनवा, शेरगढ़, ल्हासी, हीकड़, मजरावता, सहरोल तलहटी पेयजल परियोजना और विभिन्न एकल ग्राम योजनाओं में अनियमित जलापूर्ति पर कड़ा रोष प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक न तो पानी के टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की गई है और न ही खराब पड़े हैंडपंपों व ट्यूबवेलों को दुरुस्त करने की जहमत उठाई गई है। जनहित में अपनी मांगों को प्रमुखता से रखते हुए भाया ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से टैंकरों द्वारा जलापूर्ति शुरू करने, पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, पाइपलाइनों के लीकेज की त्वरित मरम्मत करने और जल स्रोतों की उपलब्धता बढ़ाने हेतु वैकल्पिक कदम उठाने की मांग की है।

अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक भाया ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था में सुधार कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे जनभावनाओं के अनुरूप जनता के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र जनआंदोलन करने को विवश होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति और आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अंत में उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि गर्मी के इस कठिन समय में पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है, अतः लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story