बारां में घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी, कलक्टर ने दिए निर्देश
मध्य-पूर्व संकट के बीच जिला प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए विजलेंस टीमें गठित कीं और रसद विभाग में 24 घंटे कार्यशील कंट्रोल रूम स्थापित किया।

बारां मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर घरेलू गैस आपूर्ति और कालाबाजारी रोकने के उपायों पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए।
बारां। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने स्पष्ट किया है कि मध्य-पूर्व देशों के बीच संकट की स्थिति के दौरान जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति निर्बाध रखी जाएगी। वर्तमान में भी इसमें किसी तरह का व्यवधान नहीं है। जिले में प्रतिदिन की मांग के अनुरूप रसोई गैस की उपलब्धता है और इसकी नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन वर्तमान हालात में रसोई गैस सिलैण्डरों की कालाबाजारी और रिफलिंग की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी रख रहा है।
जिला कलक्टर ने पत्रकार वार्ता में दी महत्वपूर्ण जानकारी
जिला कलक्टर तोमर ने यह बात गुरूवार को मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिले को रसोई गैस की आपूर्ति लगातार मिल रही है, जिसे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाया जा रहा है। एक बार बुकिंग के पश्चात उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का प्रतीक्षाकाल रहेगा। केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार व्यावसायिक कनेक्शनों पर गैस आपूर्ति को प्रतिबंधित किया गया है तथा घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए टीमें गठित कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर विजलेंस की नजर
विजलेंस टीमें कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए कार्यवाही कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में प्रतिदिन 48 सौ गैस सिलैण्डरों की औसत मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही हैै। अस्पताल व छात्रावास आदि संस्थाओं में भी गैस सिलैण्डरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। जिला कलक्टर ने कहा कि "घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया गया है। इसके लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करते हुए आमजन से सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं।" उन्होंने आमजन से अपील की है कि "वे भयभीत न हो और गैस सिलैण्डरों का अनावश्यक भण्डारण नहीं करे।" पत्रकार वार्ता में एडीएम भंवरलाल जनागल, रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह, सहायक निदेशक जनसम्पर्क योगेन्द्र शर्मा भी उपस्थित थे।
रसद विभाग द्वारा 24 घंटे कार्यशील कंट्रोल रूम स्थापित
मध्य-पूर्व संकट के दृष्टिगत एलपीजी आपूर्ति मे संभावित व्यवधान एवं जिले मे घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलैण्डरों की आपूर्ति में कमी, अवैध संग्रहण, ऊंचे दामों पर कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला रसद अधिकारी कार्यालय में नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया हैं। जिला रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि यह नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे कार्यरत रहेगा। एलपीजी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना नियंत्रण कक्ष के मोबाइल या पुलिस नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 112 पर दी जा सकेगी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
