बारां डोल मेले के रंगमंच में बदलाव, आमजन को मिल रहा नेताओं से ज्यादा सम्मान
बारां के ऐतिहासिक डोल मेले में रंगमंच का स्वरूप बदला है। इस बार वार्डों से आने वाले आम नागरिकों को भी मंच पर सम्मान मिल रहा है।

तस्वीर में बारां के डोल मेले के रंगमंच पर माला पहने हुए लोग नजर आ रहे हैं।
बारां के ऐतिहासिक डोल मेले में इस बार रंगमंच का स्वरूप बदला हुआ नजर आ रहा है। नगर परिषद सभापति शीतल कमल राठौर के पदभार संभालने के बाद मेले के रंगमंच को आमजन से जोड़ने की पहल दिखाई दे रही है। इस बार मंच पर राजनीतिक और विशिष्ट लोगों की मौजूदगी तक सीमित रहने के बजाय शहर के विभिन्न वार्डों से आने वाले आम नागरिकों को भी सम्मान के साथ मंच पर स्थान दिया जा रहा है।
मेले के रंगमंच पर वार्डों से आने वाले नागरिकों को सम्मानित किए जाने से आमजन में उत्साह दिखाई दे रहा है। वर्षों से शहर के इस बड़े आयोजन को देखने के लिए पहुंचने वाले लोगों के लिए मंच का यह बदला स्वरूप आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
‘जनता की सरकार, जनता का विश्वास’ की सोच के साथ किए जा रहे इस प्रयास से डोल मेले का रंगमंच अब केवल नेताओं और विशिष्ट अतिथियों तक सीमित मंच न रहकर आम बारां के नागरिकों के सम्मान का मंच बनता दिखाई दे रहा है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
