बारां में जलझूलनी एकादशी पर डोल मेला शोभायात्रा, 60 से अधिक देव विमान शामिल
बारां में जलझूलनी एकादशी पर डोल मेला शोभायात्रा में 60 से अधिक देव विमान और डेढ़ दर्जन से अधिक अखाड़े शामिल हुए। श्रीजी चौक से डोल मेला तालाब तक निकली शोभायात्रा में हजारों लोग मौजूद रहे।

तस्वीर में बारां के डोल मेला अवसर पर पारंपरिक शोभायात्रा के दौरान भगवान के देव विमान और उसमें शामिल लोग नजर आ रहे हैं।
बारां। हाड़ौती के ख्यातनाम डोल मेला पर्व पर मंगलवार को जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रीजी चौक से प्रमुख मार्गों से होती हुई निकली शोभायात्रा में विभिन्न समाजों के लगभग 60 से अधिक देव विमान और डेढ़ दर्जन से अधिक अखाड़े शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, बैंड बाजों की धार्मिक धुनों और गगनभेदी जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा को देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, बच्चे तथा युवक-युवतियां मौजूद रहे।
डोल मेले की शुरुआत तेजा दशमी से ही हो जाती है, लेकिन जलझूलनी एकादशी पर देव विमानों और अखाड़ों की शोभायात्रा निकालने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है। मंगलवार को भी इसी परंपरा के तहत शहर में शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शहर के श्रीजी चौक स्थित बारां के आराध्य देव भगवान श्री कल्याण राय जी के मंदिर के समीप सभी देव विमान और अखाड़े एकत्रित हुए। यहां सरकारी अधिकारी द्वारा भगवान श्री कल्याण राय जी की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई।
शोभायात्रा में सबसे आगे भगवान कल्याण राय जी का देव विमान रहा। इसके बाद भगवान रघुनाथ जी का देव विमान शामिल हुआ। प्राचीन और पौराणिक परंपराओं के अनुसार दोनों देव विमानों का चौमुखा बाजार स्थित गणेश मंदिर के समक्ष मिलन हुआ। इस परंपरागत दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए धर्मदा चौराहा, मांगरोल रोड तथा प्यारे राम जी के मंदिर के सामने से निकली और डोल मेला तालाब पहुंची। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से शोभायात्रा में शामिल देव विमानों की पूजा-अर्चना की गई। अखाड़ों के उस्तादों का स्वागत और सम्मान भी किया गया।
डोल मेला तालाब पहुंचने पर देव विमानों का जलवा पूजन किया गया। इसके बाद सभी देव विमान पुनः अपने-अपने मंदिरों की ओर प्रस्थान कर गए। शोभायात्रा के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर मॉनिटरिंग की गई।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
