बारां में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जैन तीर्थ के निकट वृहद कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, अन्ता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया और जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी पंचायतीराज चुनाव में एकजुट होकर पार्टी का परचम फहराने का आह्वान किया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचकर जनता की समस्याएं उठाने तथा कांग्रेस की नीतियों और पूर्ववर्ती सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने बताया कि सम्मेलन में हाड़ौती क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम में बारां जिला प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी चन्द्रावत, सह जिला प्रभारी संदीप पुरोहित, बारां-अटरू के पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल, किशनगंज की पूर्व विधायक श्रीमती निर्मला सहरिया, छबड़ा के पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ सहित हाड़ौती क्षेत्र के कांग्रेस जिलाध्यक्ष, पीसीसी पदाधिकारी, नेता, जनप्रतिनिधि, ब्लॉक अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों और प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष तथा हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा और जनता ने भाजपा सरकार के कामकाज पर अपना संदेश दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकतंत्र और आमजन के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जनता के सुख-दुख में भागीदार बनें और गांव-गांव जाकर आमजन की समस्याओं को उठाएं।

डोटासरा ने कहा कि उपचुनाव में कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत और एकजुटता के साथ कांग्रेस को जीत दिलाई। आगामी पंचायतीराज चुनाव में भी मेहनती और जनाधार वाले कार्यकर्ताओं को अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने पंचायतीराज संस्थाओं को ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए जिला प्रमुख से लेकर प्रधान और पंचायत स्तर तक कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर रोजगार, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, खाद और बीज सहित विभिन्न क्षेत्रों में विफल रहने का आरोप लगाया तथा कांग्रेस प्रत्याशियों को अधिकाधिक मतों से विजयी बनाने की अपील की।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा को जरूरी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र ने देश के नागरिकों को वोट की ताकत और अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। इन अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। जूली ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, किसानों और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने तथा कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संविधान, लोकतंत्र और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठानी होगी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बारां जिला पंचायतीराज चुनाव प्रभारी प्रताप सिंह खाचरियावास ने आगामी चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत और एकजुटता के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक प्रहार करते हुए स्मार्ट मीटर, कानून-व्यवस्था और सरकारी नीतियों को लेकर सवाल उठाए। खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करती रहेगी। पंचायतीराज चुनाव में पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विकास कार्यों को जनता के सामने रखें।

अन्ता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से पंचायतीराज व्यवस्था की शुरुआत हुई थी। इससे लोकतंत्र को गांव की चौपाल तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि आगे संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों की पंचायतों में भागीदारी को मजबूती मिली।

भाया ने भाजपा सरकार की ओर से कराए गए परिसीमन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया व्यावहारिकता के बजाय राजनीतिक दृष्टिकोण से प्रभावित रही। बारां नगर निकाय और पंचायतीराज क्षेत्रों के परिसीमन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कहीं मतदाताओं की संख्या में अत्यधिक अंतर रहा, तो कहीं जिला परिषद वार्डों की सीमाएं काफी दूर तक फैला दी गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ा होना चाहिए।

प्रमोद जैन भाया ने राज्य की भाजपा सरकार पर किसानों, मजदूरों और आमजन की समस्याओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान खाद और यूरिया के लिए परेशान हैं। फसल खराब होने पर मुआवजे और समर्थन मूल्य पर खरीद जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। भाया ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी बारां ने जिला कलेक्टर कार्यालय और सीएफसीएल गढ़ेपान के बाहर धरना-प्रदर्शन किए। उन्होंने स्वयं विधानसभा में भी किसानों से जुड़े सवाल उठाए।

पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए भाया ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं को राहत देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने कई योजनाओं में बदलाव और कटौती की है। बारां-मांगरोल सड़क का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में स्वीकृत विकास कार्यों की गति वर्तमान सरकार के दौरान प्रभावित हुई। विधानसभा में सवाल उठाने के बाद इस कार्य ने गति पकड़ी।

तीसरे मोर्चे की भूमिका पर निशाना साधते हुए भाया ने कहा कि जनता को यह देखना होगा कि कौन-सा राजनीतिक दल या समूह विकास की स्पष्ट नीति और स्थायी विचारधारा के साथ उसके बीच खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वोटों का विभाजन अंततः भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने का प्रयास हो सकता है। उन्होंने कहा, “बारां की जनता को न दिखावा चाहिए, न दल-बदल का तमाशा चाहिए। बारां को विकास चाहिए, विश्वास चाहिए और जनता के सुख-दुख में खड़ा रहने वाला नेतृत्व चाहिए।”

भाया ने कहा कि टिकट मांगना प्रत्येक कार्यकर्ता का अधिकार है, लेकिन पार्टी एक वार्ड से केवल एक अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर सकती है। पीसीसी की ओर से नियुक्त प्रभारियों और सर्वे टीमों की रिपोर्ट के आधार पर लिए गए निर्णय को सभी कार्यकर्ताओं को स्वीकार करना चाहिए और अधिकृत कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में पूरी ताकत से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में उम्मीदवार केवल चेहरा होता है, जबकि वास्तविक हार-जीत पार्टी और कार्यकर्ताओं की होती है। इसलिए व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर कांग्रेस का झंडा ऊंचा रखने के लिए एकजुट होना जरूरी है।

जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 23 दिसम्बर 2021 को उन्हें बारां जिले की जिला प्रमुख के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास किया। उनके अनुसार, विकास कार्यों में राजनीतिक, क्षेत्रीय या व्यक्तिगत भेदभाव नहीं किया गया। जिले की प्रत्येक पंचायत और क्षेत्र की समस्याओं को समान दृष्टि से सुनकर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से समाधान करने का प्रयास किया गया।

उर्मिला जैन भाया ने बताया कि जिला प्रमुख निर्वाचित होने के बाद “जिला प्रमुख आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा तथा कमजोर और वंचित वर्गों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कार्यालय की पत्रावलियां घर नहीं मंगवाईं। जिला परिषद में उनकी उपस्थिति की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से पहले ही आमजन को दी जाती थी, ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो। उर्मिला जैन भाया ने बताया कि पांच वर्ष के कार्यकाल में उनके पति प्रमोद जैन भाया का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने उनके प्रशासनिक दायित्वों में हस्तक्षेप नहीं किया और उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर दिया।

उन्होंने आगामी पंचायतीराज चुनाव में निर्वाचित होने वाली महिला जनप्रतिनिधियों के परिवारों से भी आग्रह किया कि महिलाओं को अपने संवैधानिक पद और जिम्मेदारियों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज चुनाव किसी एक व्यक्ति को जिताने का चुनाव नहीं, बल्कि गांवों के विकास की दिशा तय करने वाला चुनाव है। पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद लोकतंत्र की पहली सीढ़ियां हैं, जहां आम नागरिक सीधे शासन व्यवस्था से जुड़ता है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मतभेद पीछे छोड़कर पूरी एकजुटता के साथ कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए मैदान में उतरने की अपील की।

पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा ने तीसरे मोर्चे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझना होगा कि चुनाव में मतों के विभाजन का वास्तविक लाभ किस राजनीतिक दल को मिलता है। उन्होंने तीसरे मोर्चे से जुड़े संदीप शर्मा, रामहेत मीणा और कमल राठौर पर हत्या तथा आपराधिक प्रकरणों और पूर्व राजनीतिक दल-बदल को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से किसी भी राजनीतिक भ्रम में नहीं पड़ने तथा कांग्रेस की अधिकृत नीति और प्रत्याशियों के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा ने कहा कि सम्मेलन ने आगामी पंचायतीराज चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया है। नगर निकाय चुनाव और उपचुनाव में कार्यकर्ताओं ने जिस एकजुटता का परिचय दिया, उसी भावना के साथ कांग्रेस पंचायतीराज चुनाव में भी मैदान में उतरेगी।

सम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-ढाणी तक पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद करने, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाने और वर्तमान सरकार की नीतियों पर जनता के बीच अपनी बात रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों और जिलेभर से आए हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के साथ आगामी पंचायतीराज चुनाव में पार्टी की एकजुटता और जीत के लिए चुनावी शंखनाद किया गया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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