बारां: मस्जिदों-दरगाहों के ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
बारां में जिला कांग्रेस कमेटी ने मस्जिदों और दरगाहों को तोड़े जाने के विरोध में जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

बारां में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिदों और दरगाहों के ध्वस्तीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता।
बारां जिले में हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में मस्जिदों तथा दरगाहों को तोड़े जाने की घटनाओं ने व्यापक चिंता और आक्रोश को जन्म दिया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी बारां ने लामबंद होते हुए एक कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज मीणा के नेतृत्व और अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष अली हुसैन टीपू की अध्यक्षता में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा, जिसमें धार्मिक स्थलों के प्रति अपनाई जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान अल्पसंख्यक विभाग के संगठन महासचिव डॉ. सिराजुद्दोला खान ने बाड़मेर और जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई विध्वंस की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इसे चिंताजनक बताया। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रकार की एकतरफा कार्रवाई से न केवल अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गंभीर आघात पहुंच रहा है, बल्कि भारत के संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को प्रदान की गई धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार भी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन पर मनमाने ढंग से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा किया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने प्रशासनिक तंत्र से संवैधानिक मर्यादाओं के पालन की पुरजोर मांग की है। संगठन का स्पष्ट मत है कि यदि किसी निर्माण के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता पड़ती भी है, तो उसे कानून के दायरे में रहकर और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पूर्णतः पालन करते हुए ही किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पूर्व संबंधित पक्षों को विधिवत नोटिस दिया जाए, उनसे संबंधित दस्तावेजों का गहन परीक्षण हो और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएं।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव धर्मराज मेहरा, प्रदेश कोऑर्डिनेटर नासीर मिर्जा, सचिव महमूद देशवाली सहित जिला और ब्लॉक स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह घटनाक्रम न केवल बारां की राजनीति में बल्कि राज्य स्तर पर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और उनके विध्वंस की प्रक्रिया को लेकर एक बड़ी बहस के रूप में उभर रहा है। यह ज्ञापन इस मांग के साथ समाप्त होता है कि सरकार भविष्य में धार्मिक स्थलों से जुड़े संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करे, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून का शासन बना रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
