बारां। 'जनता की आवाज को नहीं दबा सकती सरकार' का उद्घोष करते हुए बारां जिला कांग्रेस कमेटी ने आज अन्ता विधायक व पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में भीषण पेयजल संकट, लचर विद्युत व कानून व्यवस्था, क्षतिग्रस्त सड़कों और चिकित्सा सेवाओं की अव्यवस्थाओं के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित सदर पुलिस थाना परिसर के निकट आयोजित इस प्रदर्शन में जिले भर से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, किसानों और आमजन ने भागीदारी सुनिश्चित की।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि बारां की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्षरत है। भीषण गर्मी में पेयजल का अभाव, दूषित जलापूर्ति, बदहाल सड़कें और चरमराई बिजली व्यवस्था ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि जिला कलक्टर के निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय में स्वयं अवधिपार दवाइयां पाई गई थीं। भाया ने मुख्यमंत्री के उप-चुनाव के दौरान किए गए आश्वासनों को विफल बताते हुए कहा कि जिले के हालात सुधरने के बजाय और अधिक गंभीर हो गए हैं।


प्रदर्शन के दौरान भाया ने आगामी आंदोलनों की रूपरेखा स्पष्ट की। उन्होंने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक प्रत्येक आठ दिन में ब्लॉक स्तर पर धरने देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय पर क्रमिक भूख हड़ताल और फिर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की शुरुआत की जाएगी। अंत में, बाजार बंद का आह्वान करते हुए उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि कांग्रेस आमजन के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हंसराज मीणा ने प्रशासनिक उदासीनता पर आक्रोश जताते हुए कहा कि जनता का धैर्य जवाब दे चुका है। वहीं, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया ने महिलाओं और बच्चों को पेयजल के लिए हो रही भारी परेशानी तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। पूर्व विधायक अटरू पानाचन्द मेघवाल ने किसानों की पीड़ा रखते हुए फसल खराबे के उचित मुआवजे, लंबित बीमा दावों के भुगतान और खरीफ सीजन से पूर्व खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। पूर्व विधायक छबड़ा करणसिंह राठौड़ ने जर्जर सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों पर सरकार को घेरा, जबकि पूर्व विधायक किशनगंज निर्मला सहरिया ने आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को अत्यंत गंभीर बताया।

धरना प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के विशाल हुजूम ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेयजल संकट, खराब हैंडपंपों की मरम्मत, निर्बाध बिजली, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, चिकित्सा सुधार, रिक्त पदों पर भर्ती और समर्थन मूल्य पर खरीद पुनः प्रारंभ करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने तत्काल राहत प्रदान नहीं की, तो जनआक्रोश और अधिक उग्र होगा, जिसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।

Pratahkal Newsroom

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