बारां में पेयजल और बिजली संकट पर कांग्रेस का आंदोलन, 3 जून को कलेक्टर कार्यालय का घेराव
विभिन्न जनसमस्याओं और किसानों के मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक, पूर्व विधायक और पदाधिकारियों ने बनाई रणनीति।

बारां जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में विभिन्न जनसमस्याओं और आंदोलन की रणनीति को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित विधायक प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया व अन्य कांग्रेसी पदाधिकारी।
बारां जिले में गहराते पेयजल संकट, बाधित बिजली आपूर्ति, चरमराई चिकित्सा व्यवस्थाओं, जर्जर सड़कों और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय बारां में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में 3 जून 2026 को जिला कलेक्टर कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया ने की।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि बैठक में जिले की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद जिले की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। अनेक स्थानों पर हैंडपंप खराब पड़े हैं, पेयजल सप्लाई लाइनें क्षतिग्रस्त हैं और घरों तक नलों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई क्षेत्रों में गंदे पेयजल की आपूर्ति होने से आमजन का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य के जलदाय विभाग मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव जलदाय विभाग सहित जिला प्रशासन को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा ने कहा कि जिले में लगातार बाधित बिजली आपूर्ति से आमजन और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। अस्पतालों में अवधिपार दवाइयां वितरित की जा रही हैं और कई आवश्यक जांचें उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर महंगी दरों पर जांच करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने कहा कि जिले की अधिकांश सड़कें जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं। कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किए गए, जिससे आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बारां-अटरू के पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा कि आगामी समय में किसानों को खेती के लिए डीएपी और यूरिया खाद की आवश्यकता पड़ेगी। प्रशासन को अभी से कार्ययोजना बनाकर बारां जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवानी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। साथ ही जिले के अनेक किसानों को अब तक बीमा राशि और मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिसे शीघ्र दिलाना आवश्यक है।
किशनगंज की पूर्व विधायक निर्मला सहरिया ने भाजपा सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि आमजन, किसान और गरीब वर्ग लगातार परेशान हो रहा है, लेकिन सरकार समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में 3 जून 2026 को सदर थाने के पास कांग्रेसजन और आमजन एकत्र होकर धरना देंगे तथा वहां से पैदल मार्च निकालते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल और जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन को संयोजक नियुक्त किया गया है। दोनों नेता जिले के समस्त प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव, पीसीसी सदस्य, जिला कांग्रेस कमेटी पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, अग्रिम संगठन और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से संपर्क कर कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।
बैठक में एससी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष सत्यनारायण भूमल्या, नगर अध्यक्ष अंता ललित गालव, ब्लॉक अध्यक्ष भारतेन्दु सिंह सिसोदिया अटरू, अजीज नाजा किशनगंज, सेवादल जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, सेवादल के प्रदेश महासचिव अशरफ देशवाली, प्रदेश समन्वयक अल्पसंख्यक विभाग नासिर मिर्जा, पूर्व उप प्रधान कौशल राठौर केलवाड़ा, जिला महासचिव तोलाराम मीणा, पूर्व महासचिव देवकरण नागर, एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष शिमला बैरवा, डीसीसी सचिव ममता मेघवाल, देवेन्द्र मीणा लेवा, परमानंद मीणा, जाकिर मंसूरी, डॉ. रामकरण वर्मा, लटूरलाल मेघवाल बड़वा, गजेन्द्र सुमन मिर्जापुर, गौत्तम प्रकाश नागर नियाना, घनश्याम नागर नियाना, रामेश्वर नागर नियाना, मोतीलाल नागर नियाना, मंडल अध्यक्ष कमलेश नागर सोरसन, लालचंद मीणा सीसवाली, सुनील नागर बामला, लड्डूलाल सहरिया, नवनीत पंकज, मोहम्मद खलील सदर सोरसन, ओमप्रकाश मीणा, आशिक अली, हंसराज नागर, महावीर नागर, धनराज मेहता केलवाड़ा, मनीष मेहता रातईखुर्द, मीडिया संयोजक अंकुर सक्सेना, पृथ्वीराज बैरवा, सत्यनारायण तिसाया और पूर्व पार्षद अर्जुन यशवन्त सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस की इस बैठक और आंदोलन की घोषणा ने बारां जिले की पेयजल, बिजली, चिकित्सा और किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब 3 जून को प्रस्तावित जिला कलेक्टर कार्यालय घेराव पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
