बारां: कच्ची बस्तियों के नौनिहालों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता गोविंद अटलपुरी, शिक्षा की लौ जलाकर मनाया नववर्ष
बारां के अटरू में कांग्रेस कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद अटलपुरी ने सहरिया और आदिवासी परिवारों के बीच शिक्षा की अलख जगाकर नववर्ष मनाया। 200 बच्चों को शिक्षण सामग्री और परिवारों को दूध वितरित कर उन्होंने शराब त्यागने और मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। समाज सेवा और साक्षरता के प्रति उनके इस जज्बे ने अटरू की कच्ची बस्तियों में नई उम्मीद जगाई है।

बारां/अटरू। नववर्ष के आगमन पर जहां समूचा विश्व जश्न में डूबा है, वहीं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद अटलपुरी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बीच पहुंचकर सेवा और संकल्प के साथ इस वर्ष की शुरुआत की है। अटरू कस्बे के बांधा रोड और वेयरहाउस के समीप स्थित सहरिया भील, आदिवासी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल कच्ची बस्तियों में जब अटलपुरी अपने परिवार के साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल आत्मीयता और उत्साह से भर गया। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस सेवा कार्य के माध्यम से न केवल अभावग्रस्त परिवारों को राहत पहुंचाई गई, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य के प्रति जागरूक भी किया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद अटलपुरी ने बस्ती में रहने वाले लगभग 200 नौनिहाल बच्चों को कॉपी, पेन और बिस्कुट के पैकेट वितरित किए, ताकि उनके हाथों में खिलौनों के बजाय भविष्य संवारने वाली कलम हो। इसके साथ ही, सामाजिक सरोकार निभाते हुए उन्होंने बस्ती की माताओं-बहनों, बुजुर्गों और नौजवानों को सरस दूध की थैली भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए अटलपुरी ने शिक्षा की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अत्यंत भावुक और ओजस्वी स्वर में कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र सशक्त हथियार है, जो समाज को अन्याय, शोषण, सामाजिक कुरीतियों और हर प्रकार की गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कर सकता है। उन्होंने बस्ती के पुरुषों से शराब का त्याग करने की मार्मिक अपील की और सुझाव दिया कि शराब पर व्यर्थ होने वाले धन को बचाकर बच्चों की शिक्षा पर निवेश करें, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
उल्लेखनीय है कि गोविंद अटलपुरी का इन बस्तियों से नाता दशकों पुराना है। वर्ष 1997 से ही वे साक्षरता अभियान से जुड़कर शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा वर्षों पूर्व लगाए गए पौधे आज विशाल वृक्ष बनकर इन बस्तियों को छाया प्रदान कर रहे हैं। समाज के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पूर्व में भी देखने को मिला है, जब ग्राम पंचायत खेरलीगंज के सरपंच चुनाव के दौरान उन्होंने मतदाताओं को प्रलोभन मुक्त मतदान के लिए प्रेरित किया था। उस समय भी उन्होंने करीब 1000 लीटर दूध और बिस्कुट का वितरण कर लोगों को जागरूक किया था कि वे अपना मत किसी लालच में आकर नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, चिकित्सा, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सही व्यक्ति को दें।
नववर्ष के इस सेवा अनुष्ठान की कड़ी में अटलपुरी ने इससे पूर्व बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित लोक देवता कला जी महाराज के बाग में कन्या भोज का आयोजन भी किया। वहां उन्होंने कन्याओं को कॉपी और पेन भेंट कर उनका पूजन किया और उनसे आशीर्वाद लेकर इस मंगलकारी वर्ष का शुभारंभ किया। गोविंद अटलपुरी का यह प्रयास दर्शाता है कि राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का एक माध्यम है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
