बारां। महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित बैठक में भाजपा सरकार पर कथित दुष्प्रचार फैलाने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की जोरदार मांग उठाई। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया सहित कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।

बैठक में बारां जिला प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी चन्द्रावत ने कहा कि कांग्रेस ने देश में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में महिला आरक्षण विधेयक को संसद में प्रस्तुत कराने में कांग्रेस की प्रमुख भूमिका रही और वर्ष 2010 में यूपीए सरकार ने इसे राज्यसभा में पारित करवाया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1992 में कांग्रेस सरकार द्वारा 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन लागू कर पंचायतीराज और नगरीय निकायों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे लाखों महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला।

मीनाक्षी चन्द्रावत ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पारित होने के बावजूद इसे तत्काल लागू नहीं किया गया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों में देरी करार दिया।

अंता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और महिला आरक्षण को अधिकार के रूप में देखती है, न कि राजनीतिक लाभ के साधन के रूप में। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए महिला आरक्षण का उपयोग कर रही है तथा चुनावी लाभ के लिए इसे मुद्दा बना रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आश्वासन नहीं, वास्तविक अधिकार और भागीदारी चाहिए।

जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने कहा कि महिला आरक्षण कांग्रेस की विचारधारा का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत संदिग्ध है और यदि सरकार गंभीर होती तो कानून पारित होते ही लागू कर दिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा परिसीमन के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने की योजना बना रही है, जिसके कारण महिला आरक्षण को उससे जोड़कर देरी की जा रही है। उन्होंने ओबीसी वर्ग की महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए समयबद्ध जातीय जनगणना की मांग भी उठाई।

जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि वक्ताओं ने कहा कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे इसके क्रियान्वयन में देरी हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में बिना परिसीमन के ही महिला आरक्षण लागू किया जा चुका है, जिससे यह साबित होता है कि इसे वर्तमान में भी तुरंत लागू किया जा सकता है। कांग्रेस ने मांग दोहराई कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसे परिसीमन से अलग रखा जाए।

कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जन-जागरूकता अभियान को तेज करने का संकल्प लिया। बैठक में पीसीसी सचिव धर्मराज मेहारा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा, बारां जिला सह प्रभारी संदीप पुरोहित, पूर्व विधायक किशनगंज श्रीमती निर्मला सहरिया, महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती बृजेश वर्मा, कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष श्रीमती शिमला बैरवा, प्रधान शाहबाद श्रीमती कांतिबाई मेहता, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्रीमती सावित्री शाक्यवाल, पंचायत समिति सदस्य शाहबाद श्रीमती ममता अहेडी, सुमन राठौर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

Pratahkal Bureau

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