बारां। बारां जिले में हाल ही में हुए विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच श्रेय लेने की होड़ तेज हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने सांसद दुष्यंत सिंह द्वारा किए गए लोकार्पणों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा पर विकास कार्यों के नाम पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया है। मीणा ने स्पष्ट किया कि रविवार को जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनकी परिकल्पना, बजट आवंटन, स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही पूरी की गई थी। इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तत्कालीन अन्ता विधायक एवं पूर्व खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के सतत प्रयासों तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष सहयोग से धरातल पर उतारा गया था।

इस अवसर पर पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल, करणसिंह राठौड़, श्रीमती निर्मला सहरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा, पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा, सेवादल जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष कशिष धाकड़ एवं महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजेश बैरवा ने संयुक्त रूप से कांग्रेस नेताओं का पक्ष रखते हुए कहा कि काम किसी और ने शुरू किए और मेहनत किसी और ने की, लेकिन अब श्रेय लेने के लिए दूसरे लोग सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के कार्य स्वीकृत कराए गए थे। पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने टीम भावना के साथ जिले की जरूरतों को राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा, जिसके परिणामस्वरूप अशोक गहलोत के विशेष आशीर्वाद से बारां को ये ऐतिहासिक परियोजनाएं मिलीं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद राजनीतिक द्वेष के चलते कांग्रेस शासन में स्वीकृत जनहितकारी कार्यों को लंबे समय तक लटकाए रखा गया। यदि ये कार्य समय पर पूरे होते, तो जनता को इनका लाभ बहुत पहले मिल जाता। भाजपा सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी कर राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए नेताओं ने कहा कि बारां-मांगरोल स्टेट हाईवे-01 का शिलान्यास आज सांसद दुष्यंत सिंह द्वारा किया गया है, जबकि यह कार्य बहुत पहले ही शुरू हो चुका था और मौके पर मिट्टी का कार्य भी चल रहा है। इस कार्य के विलंब का खामियाजा बारां और मांगरोल क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की जनता को भुगतना पड़ा है।

हंसराज मीणा ने सांसद दुष्यंत सिंह से आग्रह किया कि वे राजनीतिक प्रचार से ऊपर उठकर यह स्वीकार करें कि इन योजनाओं की नींव कांग्रेस सरकार ने ही रखी थी। उन्होंने कहा कि विकास का इतिहास केवल फीता काटने से नहीं बदलता, क्योंकि जनता जानती है कि किसने योजनाएं बनाईं और किसने नींव रखी। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि लोकार्पण और शिलान्यास की पट्टिका में स्थानीय विधायक प्रमोद जैन भाया का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र में स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिउत्तर के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकारी उद्घाटन में केवल जनप्रतिनिधि का नाम अंकित किया जाए, चाहे वे किसी भी दल के हों। पट्टिका से नाम हटाना मुख्य सचिव के परिपत्र और विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों का सीधा उल्लंघन तथा अपमान है। अंत में, कांग्रेस ने विश्वास जताया कि जिले की जागरूक जनता विकास की सच्चाई से भली-भांति परिचित है और उचित समय आने पर इस श्रेय लेने की राजनीति का लोकतांत्रिक जवाब देगी। कांग्रेस भविष्य में भी जनहित और विकास के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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