बारां। जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कार्यवाहक जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। शुक्रवार को मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सम्पर्क पोर्टल पर 30 दिवस से अधिक की अवधि से लंबित प्रकरणों की स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए आमजन के परिवादों का यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। सम्पर्क पोर्टल प्रभारी दुर्गाशंकर मीणा की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में जनागल ने लंबित परिवादों का गहनता से मंथन किया और विशेष रूप से उन 265 प्रकरणों की समीक्षा की जो समय सीमा पार कर चुके हैं। जिला कलक्टर ने इन प्रकरणों के समाधान में आ रही तकनीकी व व्यावहारिक बाधाओं के निवारण हेतु अधिकारियों का मार्गदर्शन किया और भविष्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की हिदायत दी।

इसी क्रम में केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर सकारात्मक प्रभाव भी परिलक्षित हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) वर्ष 2024-25 के अंतर्गत बारां जिले के निर्धन परिवारों के जीवन में खुशहाली का संचार हुआ है। ग्राम पंचायत बामला निवासी उर्मिला, ग्राम पंचायत माथना की रेखा सुमन और ग्राम पंचायत करनाहेडा के कोटड़ा निवासी महेश के परिवारों को कच्चे और असुरक्षित मकानों से मुक्ति मिली है। इन लाभार्थियों को पक्के आवास निर्माण हेतु 1 लाख 20 हजार रुपए की सामग्री राशि और मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस की मजदूरी प्रदान की गई, जिससे न केवल उन्हें कीड़े-मकोड़ों और बारिश के खतरे से निजात मिली, बल्कि उनके सामाजिक और मानसिक स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादकता को नई दिशा देने हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 और मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के माध्यम से जल संरक्षण के व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किशनगंज, शाहाबाद और छीपाबड़ौद पंचायत समितियों में 2354.11 लाख रूपए की लागत से चारागाह विकास, चेक डेम, एनीकट और परकोलेशन टैंक जैसे 235 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। साथ ही, राजिविका के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को 513.24 लाख रूपए का अनुदान देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के प्रथम चरण में 8 पंचायत समितियों में 2182 कार्यों हेतु 3638.23 लाख रूपए का प्रावधान कर वर्षा जल संचयन के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं। सरकार के ये ठोस कदम न केवल गिरते भू-जल स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होंगे, बल्कि भविष्य में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कृषि और पशुपालन को एक मजबूत सुरक्षा कवच भी प्रदान करेंगे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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