बारां। मानसून के आगमन से पूर्व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मिनी सचिवालय सभागार में नगर निकायों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एडीएम भंवरलाल जनागल सहित नगर परिषद बारां तथा नगर पालिका अंता, छबड़ा, मांगरोल, सीसवाली एवं अटरू के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिला कलक्टर ने आगामी 1 जून से 6 जून तक एक व्यापक विशेष सफाई अभियान संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अभियान के दायरे में पार्कों, सार्वजनिक शौचालयों, सड़कों, नालियों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की गहन सफाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए आवश्यकतानुसार नरेगा कार्मिकों की भी सेवाएं ली जाएंगी। कलक्टर ने नालों की सफाई के लिए ट्रैक्टर सहित सभी आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने गम बूट्स का उपयोग अनिवार्य किया और निर्देश दिए कि नाला सफाई कार्य के 'बीफोर और आफ्टर' फोटोग्राफ संबंधित आधिकारिक ग्रुप में साझा किए जाएं।

कार्ययोजना के तहत फॉरेस्ट नाले की सफाई, शहर में जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुधार कार्य करने और जाम नालों को अविलंब दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। एडीएम एवं तहसीलदारों को स्वच्छता कार्यों का औचक निरीक्षण करने के लिए अधिकृत किया गया, जबकि स्वयं कलक्टर ने 25 मई के बाद धरातलीय निरीक्षण की बात कही। रामनगर नाले की सफाई पर विस्तृत चर्चा के साथ ही झाड़ियों की कटाई, कचरा संग्रहण स्थलों की सफाई तथा सफाई कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।

प्रशासन ने पार्कों के सुंदरीकरण के लिए प्रत्येक पार्क की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें क्षेत्रफल, शौचालय, गेट, झूले, बाउंड्री वॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं वृक्षारोपण संबंधी संपूर्ण विवरण शामिल होगा। सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता के संबंध में उनकी आंतरिक एवं बाह्य फोटोग्राफी के साथ नल, पानी और गेट की स्थिति की रिपोर्ट तलब की गई। जिला कलक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां न्यूनतम बजट में कार्य संभव हो, वहां तत्काल कार्यवाही की जाए। नगर विकास के क्रम में डिवाइडरों पर वृक्षारोपण करने तथा 200 छायादार एवं फलदार पौधे लगाकर 'वृक्ष कुंज' विकसित करने हेतु उपयुक्त स्थान चिह्नित कर स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लेने को कहा गया। साथ ही, सभी होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूला जाएगा। कलक्टर ने निकायों से नालों की सफाई, टेंडर प्रक्रिया, वर्क ऑर्डर, जलभराव की स्थिति, सफाई कर्मचारियों की संख्या और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का विवरण लेकर 28 मई तक समस्त टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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Pratahkal Newsroom

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