बारां: जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने संभाली कमान, पेयजल और स्वास्थ्य पर बड़ा एक्शन
कार्यभार संभालते ही जिला कलक्टर ने 246 अस्पतालों और 5700 हैंडपंपों की जांच के निर्देश दिए, भीषण गर्मी में राहत के लिए 18 टैंकरों से शुरू हुई जलापूर्ति।

बारां जिला कलेक्ट्रेट सभागार में नव पदस्थापित जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ ग्रीष्मकालीन पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए।
बारां के नव पदस्थापित जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने कार्यभार ग्रहण करते ही जनहित को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित करते हुए भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रशासन की कमान पूरी मुस्तैदी से संभाल ली है। आमजन को राहत पहुंचाने के ध्येय से जिला कलक्टर के निर्देश पर 8 एवं 9 मई 2026 को पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक साथ दो वृहद निरीक्षण अभियान चलाकर सरकारी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलक्टर असावा के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीमों ने जिला अस्पताल से लेकर सुदूर उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक कुल 246 चिकित्सा संस्थानों का सघन औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्मकालीन रोगों और लू-तापघात की चुनौतियों से निपटने के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। निरीक्षण दल ने केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्टाफ की उपस्थिति और आपातकालीन सेवाओं की गहन समीक्षा की। कलक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए समस्त चिकित्सा प्रभारियों को ओआरएस, आईवी फ्लूइड और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने तथा 24x7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने स्पष्ट हिदायत दी है कि निरीक्षण में पाई गई समस्त कमियों को 48 घंटे के भीतर दुरुस्त कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि किसी भी मरीज को उपचार में असुविधा न हो।
पेयजल संकट पर प्रहार करते हुए जिला कलक्टर ने समस्त उपखंडों में उपखंड स्तरीय अधिकारियों और बारां शहर के वार्डों में जिला स्तरीय अधिकारियों को मोर्चे पर उतारा। इस दौरान जिले के लगभग 5700 हैंडपंपों एवं सिंगलफेज नलकूपों की भौतिक जांच की गई, जिसमें 650 हैंडपंप अनुपयोगी पाए गए। सर्वेक्षण में सामने आया कि किशनगंज और शाहबाद उपखंडों में स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, जहाँ ग्रामीण आबादी पूर्णतः हैंडपंपों पर आश्रित है। गिरते जलस्तर के कारण सूखे की चपेट में आए 46 ग्रामों और 4 ढाणियों में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 18 टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन 109 ट्रिप द्वारा जल परिवहन शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में वार्ड संख्या 13 की डंडासोतियां बस्ती में नाला निर्माण से क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन को तत्काल ठीक करने के आदेश दिए गए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे हैंडपंप अभियान के तहत युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य करें और समर कंटीनजेंसी के कार्यों को अविलंब पूर्ण करें।
प्रशासनिक सक्रियता को बढ़ाते हुए जिला कलक्टर ने पेयजल संबंधी शिकायतों के निस्तारण हेतु जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को सुदृढ़ करने तथा 181 पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में पानी की स्थाई समस्या के अंत हेतु परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना के कार्यों में गति लाने पर बल दिया। पदभार संभालते ही स्वास्थ्य और पेयजल जैसे बुनियादी विषयों पर जिला कलक्टर द्वारा की गई इस त्वरित और व्यापक कार्रवाई ने जिले में एक संवेदनशील और जनोन्मुखी शासन का स्पष्ट संदेश प्रसारित किया है, जिसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं निर्बाध रूप से पहुंचाना है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
