बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ बड़ा अभियान: पुलिस-चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई में कई बालिकाएं दस्तयाब
बारां में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई में कई छोटी बालिकाओं को दस्तयाब किया गया। बाल कल्याण समिति ने उन्हें संरक्षण में भेजते हुए जांच एजेंसियों को भी अहम निर्देश दिए।

बारां में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान के तहत दस्तयाब की गईं बालिकाओं के मामले की सुनवाई के बाद पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य और सखी केंद्र की टीम।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बारां में पुलिस एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से लगभग आधा दर्जन से अधिक छोटी बालिकाओं को दस्तयाब किया। इस कार्रवाई ने जिले में बाल संरक्षण और बाल अधिकारों को लेकर प्रशासन की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है।
संयुक्त अभियान के दौरान दस्तयाब की गई बालिकाओं को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति बारां के न्यायपीठ सदस्य खेमराज सिंह चौहान (रहलाई) के निजी आवास पर प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के पश्चात समिति द्वारा सभी बालिकाओं को अस्थायी संरक्षण के लिए सखी केंद्र बारां भेजने के आदेश जारी किए गए।
इस अवसर पर खेमराज सिंह चौहान ने जांच एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भिक्षावृत्ति और बाल श्रम को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों एवं तत्वों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे प्रयासों से बालक-बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सकेगा तथा उन्हें शिक्षा, आवास, विकास और भरण-पोषण जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार को निरंतर कार्य करना चाहिए।
कार्रवाई के दौरान संबंधित बालिकाओं के माता-पिता को भी बाल श्रम और भिक्षावृत्ति में बच्चों को शामिल नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। अधिकारियों ने उन्हें बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के प्रति जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
इस संयुक्त अभियान में पुलिस की कलिका यूनिट की ओर से एएसआई चेतना स्वामी सहित बाल कल्याण समिति की सदस्य मनीष राठौर, श्वेता अदलक्खा एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बाल संरक्षण की दिशा में की गई यह कार्रवाई न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा का प्रयास है, बल्कि समाज में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
