बारां: केमिस्टों के संघर्ष की बड़ी जीत, अब मेडिकल स्टोर के लिए 'कमर्शियल लैंड' की अनिवार्यता खत्म
बारां समेत पूरे राजस्थान के केमिस्टों की बड़ी जीत! मेडिकल लाइसेंस के लिए व्यावसायिक भूमि की अनिवार्यता खत्म। जिला अध्यक्ष रवि टक्कर और प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के नेतृत्व में सफल हुआ आंदोलन। अब पुरानी नीति के तहत ही होंगे लाइसेंस रिन्यूअल और नए पंजीकरण। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

बारां। राजस्थान के दवा व्यवसायियों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहे विरोध और केमिस्टों की एकजुटता के आगे आखिरकार विभाग को झुकना पड़ा है। बारां जिले सहित पूरे प्रदेश के दवा विक्रेताओं के लिए अब नए मेडिकल लाइसेंस बनवाने और पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए व्यावसायिक भूमि (कमर्शियल लैंड) की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब राजस्थान में लाइसेंस प्रक्रिया पुनः पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही संचालित होगी, जिससे हजारों छोटे और मंझोले केमिस्टों पर मंडरा रहा संकट टल गया है।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बारां जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि टक्कर ने बताया कि पिछले कुछ समय से औषधि विभाग द्वारा नए लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंसों के रिन्यूअल के लिए व्यावसायिक भूमि के दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया गया था। इस नीति के लागू होने से प्रदेश भर के केमिस्टों में भारी रोष व्याप्त था, क्योंकि रिहायशी इलाकों में दशकों से संचालित दुकानों के लिए अचानक व्यावसायिक भूमि के मापदंडों को पूरा करना लगभग असंभव था। सरकार के इस आदेश को केमिस्टों के अस्तित्व पर प्रहार माना जा रहा था, जिसके खिलाफ राजस्थान के सभी जिलों के केमिस्टों ने एकजुट होकर बिगुल फूँक दिया था।
आंदोलन की धार और केमिस्टों की जायज मांग को देखते हुए हाल ही में विभाग और एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। व्यापक चर्चा के उपरांत प्रशासन ने केमिस्टों के पक्ष को स्वीकार करते हुए इस विवादित धारा को हटाने का निर्णय लिया। राजस्थान केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और बारां जिला अध्यक्ष रवि टक्कर ने इस निर्णय को प्रदेश के दवा व्यवसायियों की एकता की जीत बताया है।
इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और रवि टक्कर ने बारां जिले सहित पूरे प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्यों और समस्त केमिस्टों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह जीत हर उस छोटे व्यवसायी की है जो जन-स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस आदेश के वापस होने से न केवल व्यापारिक सुगमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दवाइयों की उपलब्धता भी निर्बाध रूप से बनी रहेगी। अब केमिस्ट बिना किसी कानूनी पेचीदगी के पूर्व की भांति अपना कार्य सुचारू रूप से कर सकेंगे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
