बारां चौपाटी बाजार 12 बजे तक खोलने की मांग, व्यापार महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
राज्य सरकार के 24 घंटे बाजार खोलने के आदेश के बावजूद बारां पुलिस द्वारा रात्रि 10 बजे ही जबरन दुकानें बंद कराने से व्यापारियों और किसानों में रोष।

राजस्थान के बारां शहर में राज्य सरकार के आदेशानुसार चौपाटी बाजार को रात्रि 12:00 बजे तक खुलवाने की मांग को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक और स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपते व्यापार महासंघ के पदाधिकारी।
राज्य सरकार द्वारा दो माह पूर्व पूरे राजस्थान में 24 घंटे बाजार खोलने के आदेश जारी किए जाने के बावजूद बारां जिला पुलिस प्रशासन का एक विरोधाभासी और दमनकारी चेहरा सामने आया है। सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर बारां पुलिस प्रतिदिन रात्रि 10:00 बजे ही चौपाटी बाजार को बंद करवाने पहुंच जाती है। इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों के साथ तीखी भाषा का उपयोग कर उन्हें जबरन भगाया जाता है, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा ने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बताया कि राज्य सरकार ने दो माह पूर्व रोजगार के साधन बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से 24 घंटे बाजार खोलने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया था। इसके विपरीत, बारां पुलिस का पपईया रात्रि 10:00 बजे ही चौपाटी बाजार सहित ठंडे पदार्थ, आइसक्रीम, चाय और पान के ठेलों को वहां से रवाना होने की चेतावनी देना प्रारंभ कर देता है, जबकि इस बाजार के लिए पूर्व से ही रात्रि 11:00 बजे का समय निर्धारित किया हुआ है। पुलिस के इस मनमाने रवैए से परेशान शहर का आमजन, छोटा व्यापारी, चाय-पान की दुकान वाले, बारां में बाहर से आने वाले यात्री एवं कृषि उपज मंडी में पहुंचने वाले किसान भारी प्रताड़ना और परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई बार तो पुलिस कर्मी सुरक्षा के नाम पर अच्छे-भले और संभ्रांत नागरिकों को भी बेवजह तंग करने लग जाते हैं।
सभी पीड़ित व्यापारियों की इस गंभीर मांग को देखते हुए व्यापार महासंघ ने जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु व बारां-अटरू क्षेत्र के विधायक राधेश्याम बेरवा से विस्तृत चर्चा की है। महासंघ ने मांग रखी है कि भीषण गर्मी के मद्देनजर रात्रि 11:00 बजे बंद होने वाले चौपाटी बाजार का समय बढ़ाकर रात्रि 12:00 बजे तक किया जाए। इस पर जिला पुलिस अधीक्षक और विधायक राधेश्याम बैरवा ने व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही राज्य सरकार के आदेशानुसार चौपाटी बाजार को रात्रि 12:00 बजे तक खोलने के आधिकारिक आदेश जारी किए जाएंगे।
व्यापार महासंघ के देवकीनंदन बंसल, ललित मोहन खंडेलवाल, वेद प्रकाश टक्कर, कलीम भाई बोहरा, विमल बंसल, कमलेश गोयल, राकेश जैन, मनीष लश्करी, शेखर कुमरा, सुदर्शन झामब, नरेंद्र बत्रा, महासचिव कन्हैयालाल चित्तौड़ा, शंकर महेश्वरी, नरेश नंदवाना, उपाध्यक्ष नरेश खंडेलवाल, कपिल पोरवाल, आनंद बंसल, जीतेन्द्र अदलक्खा, भानू पोरवाल, कमलेश जैन, संजय शर्मा, दिलीप चौबे, महेंद्र शर्मा, हरिओम अग्रवाल, मनोज पिपलानी, मनोज बाठला, पुनीत कुमरा, राहुल कुमारा और आसिफ भाई आदि प्रमुख व्यापारियों ने पुलिस व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि रात्रि 11:00 बजे के बाद बारां शहर के किसी भी चौराहे, मुख्य बाजार अथवा गली-मोहल्ले में कोई भी पुलिस कर्मचारी तैनात नजर नहीं आता है। जबकि हकीकत यह है कि पूरी रात शहर में बसें और ट्रेनें आती रहती हैं। रात्रि 12:00 बजे के बाद किसी भी बस या ट्रेन से उतरने वाले यात्री को पूरी तरह सुनसान मार्ग से होते हुए अपने घर की ओर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पुलिस की उपस्थिति न होने के कारण यात्रियों के साथ जान-माल की हानि, लूट-खसोट और मारपीट इत्यादि का गंभीर खतरा निरंतर बना रहता है। यदि इस दौरान अचानक कोई अप्रिय घटना घटित हो जाए, तो सुबह तक पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं मिल पाएगी की रात में क्या वारदात हुई है।
व्यापारियों ने आगे बताया कि वर्तमान में गर्मी के मौसम के कारण परिवारजन और बाहर रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे छुट्टियों में अपने घरों पर आए हुए हैं, जिन्हें पुलिसिया तंत्र की इस प्रकार की अनुचित प्रताड़ना सहनी पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में शाम 7:00 बजे तक तेज धूप व लू का प्रकोप रहता है और रात्रि 8:00 बजे के बाद ही मौसम में कुछ राहत मिलती है। इसके उपरांत ही शहर के लोग सपरिवार बाजार में सैर-सपाटे के लिए बाहर निकलते हैं। सांझ ढलने के बाद ही छोटे दुकानदारों को व्यापार करने का वास्तविक अवसर प्राप्त होता है, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उन्हें केवल दो-तीन घंटे ही व्यापार नसीब हो पा रहा है। दूसरी ओर, गर्मी के इस सीजन में अपनी फसलों को लेकर किसानों का मंडी में आने का मुख्य समय भी यही रहता है। रात्रि को समय से पूर्व बाजार बंद हो जाने के कारण दूर-दराज से आने वाले किसानों को भोजन तक नसीब नहीं हो पा रहा है। इस विकट समस्या को देखते हुए किसानों ने भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि बाजारों को रात्रि के लगभग 12:00 बजे तक खोलने की विधिवत स्वीकृति प्रदान की जानी चाहिए। व्यापारियों, किसानों और आम जनता ने सर्वसम्मति से स्पष्ट किया है कि जनहित में भोजनालय, चौपाटी, चाय और पान की दुकानें देर रात तक खुली रहनी आवश्यक हैं।

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