बारां: चंद्रप्रभु जैन मंदिर में चैत्री ओली के दूसरे दिन सिद्ध पद की आराधना
अर्चना श्रीजी एवं यशोगुणा श्रीजी के सानिध्य में भक्तों ने किया 'नमो सिद्धाणं' महामंत्र का जाप, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया सहित कई श्रद्धालु रहे उपस्थित।

बारां। जैन धर्म में 'सिद्ध' शब्द उस परमात्मा का स्वरूप है जिसने समस्त सांसारिक बंधनों को त्याग कर सिद्ध पद को प्राप्त कर लिया है। इसी पावन अवधारणा के साथ बारां स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर में चैत्री ओली के दूसरे दिन की आराधना श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। आगमोद्धारक आचार्य श्री आनंदसागर सूरीश्वर जी महाराज साहब के समुदायवर्ती परमपूज्या अमितगुणा श्रीजी म.सा. की सुशिष्याएं परमपूज्या अर्चना श्रीजी म.सा. एवं परमपूज्या यशोगुणा श्रीजी म.सा. के पावन सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने संपूर्ण जैन समाज को भक्ति के सूत्र में पिरो दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन व्याख्यान से हुआ, जिसमें परमपूज्या अर्चना श्रीजी म.सा. ने नवपद ओली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि द्वितीय दिन 'सिद्ध पद' की आराधना की जाती है, जो मोक्ष प्राप्त कर चुकी शुद्ध आत्माओं का प्रतीक है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि यह पद जन्म-मरण के चक्र से पूर्ण मुक्ति और सर्वोच्च आत्मिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका मुख्य केंद्र कर्मों के बंधन को काटते हुए आत्म-साक्षात्कार करना है। इस विशेष अवसर पर लाल रंग के माध्यम से पूजा संपन्न की गई और भक्तों ने 'ओम ह्रीं नमो सिद्धाणं' महामंत्र का विधि-विधान से जाप किया।
चंद्रप्रभु मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र रंगावत, महिला मंडल अध्यक्ष व जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने बताया कि आध्यात्मिक सत्र के पश्चात क्रिया, आयंबिल और संध्याकालीन प्रतिक्रमण की रस्में पूर्ण गरिमा के साथ निभाई गईं। आयंबिल की संपूर्ण व्यवस्थाएं प्रमोद जैन भाया, यश जैन भाया, अशोक बोरडिया और गौतम बोरडिया की ओर से की जा रही हैं। गौतम मारू और ललित श्रीमाल के अनुसार, इस भव्य धार्मिक आयोजन में सभी स्थानक मंदिरों के प्रतिनिधि और सकल जैन समाज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि समाज की एकता और आध्यात्मिक चेतना के उत्थान का साक्षी भी बना।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
