बारां में बछड़े का शव मिलने पर प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
राजस्थान के बारां में हिंदू संगठनों के बंद के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और जिला कलेक्टर ने धारा 163 लागू की।

बारां के प्रताप चौक पर सोमवार को बछड़े की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों को तितर-बितर करती पुलिस।
बारां में गाय के बछड़े का कटा हुआ आधा शव मिलने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, तीन दिन पूर्व नारेडा-पठेडा रोड पर बरड्या बालाजी क्षेत्र में 4–5 दिन के बछड़े का शव मिलने के बाद हिंदू संगठनों व गौ सेवकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
आक्रोश और बारां बंद का आह्वान
हिंदू संगठनों एवं गौ-सेवकों ने आरोपियों की शीघ्र ही गिरफ्तारी और मामले के पूर्ण खुलासे की मांग को लेकर सोमवार को बारां बंद का आह्वान किया था।
- यह बंद पूर्णत सफल रहा है।
- शहर भर में नारेबाजी करते हुए रैली का आयोजन भी किया गया।
- इसमें व्यापारियों का भी पूरा-पूरा सहयोग रहा है।
पुलिस की थ्योरी बनाम गौ-सेवकों के आरोप
आंदोलन कर रहे गौसेवकों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि 3 दिन पूर्व बछड़े का शव मिलने के बाद भारी आक्रोश था। दूसरी ओर, पुलिस द्वारा समझाईश के प्रयास किए गए और बछड़े की मौत को पुलिस ने सामान्य बताते हुए गोपालक के बयान सार्वजनिक भी करवाए।
गौ-सेवकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है:
- "धारदार हथियार से बछडे की हत्या कर आधा शव जानबूझकर गायब किया गया है, जिसकी जांच पूर्णतया पुख़्ता तरीके से होनी चाहिए।"
- "जिस प्रकार पुलिस द्वारा गोपालक से बयान दिलवाए गए उससे ऐसा प्रतीत होता है कि मामले में लीपापोती करने के प्रयास किए गए हैं।"
- "यदि कुत्ते नोच कर खाते तो शरीर क्षप्त-विशप्त होता, लेकिन बछड़े का आधा हिस्सा कटा हुआ था और आधा कटा हुआ धड़ घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर मिला है।"
गौ-सेवकों का आरोप है कि इसे कुत्तों ने नहीं नोच बल्कि किसी ने जानबूझकर काटा गया हो। हालांकि, पुलिस का मानना है कि इन्वेस्टिगेशन फिर भी जारी है और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रताप चौक पर प्रदर्शन और हनुमान चालीसा
सोमवार सुबह 7 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में गौ भक्त व हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शहर के प्रताप चौराहे पर एकत्र हो गए तथा नारेबाजी करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ प्रारंभ कर दिया। कानून-व्यवस्था को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था। पुलिस द्वारा समझाइश के प्रयास के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गर्माया, हालांकि स्थिति पर नियंत्रण बना हुआ था, परंतु बाद में हालत बिगड़ गए।
पुलिस का लाठीचार्ज और तनावपूर्ण स्थिति
हिंदू संगठन एवं गौ सेवकों के सैकड़ो की संख्या में प्रताप चौक पर पुलिस चौकी के सामने अपनी मांगों को पूरा करने हेतु डटे रहने एवं समझाईश के प्रयास असफल होने के उपरांत मामला तूल पकड़ गया।
अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड दिया, जिसके चलते शहर भर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
लाठीचार्ज के दौरान प्रभावित हुए लोग:
- आधा दर्जन से अधिक गौ सेवक पुलिस की लाठियां का शिकार होकर धक्का मुक्की के कारण वहीं गिर पड़े।
- इसमें दीपांशु गेरा, गौरव शर्मा सहित इत्यादि गौ-सेवक सम्मिलित हैं।
- इन्हें पुलिस ने धरना स्थल से उठाकर पुलिस चौकी के अंदर बैठा दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
बारां बंद के आह्वान को देखते हुए कोटा संभाग सहित 12 जिलों के पुलिस जाप्ते को यहां पर तैनात किया था। लाठी चार्ज किए जाने की घटना को सभी व्यापारिक, सामाजिक तथा स्वयंसेवी संगठनों ने अत्यंत शर्मनाक बताया और कड़ी निंदा की है।
वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने शांति व्यवस्था कायम रखने की दृष्टि से धारा 163 लागू कर दी है।
- शहर कोतवाल योगेश चौहान ने बताया कि उक्त मामले में तकरीबन आधा दर्जन से अधिक आंदोलनकारियों को डिटेन किया है।
- पुलिस-प्रशासन और आंदोलनरत संगठनों के बीच अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है।
धरना प्रदर्शन के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, हालांकि स्थिति नियंत्रण में है।

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