बारां: स्वर्गीय सोनी दंपति की स्मृति में पक्षीदाना स्थल का लोकार्पण
शिवाजी नगर की नंदिनी गौशाला में श्री राधागोविन्द स्मृति सेवा संस्थान ने पक्षीदाना स्थल बनाया, समन्वय मानस मंडल सेवा समिति करेगी देखरेख।

बारां। मानवता और जीव दया की अनूठी मिसाल पेश करते हुए श्री राधागोविन्द स्मृति सेवा संस्थान द्वारा शिवाजी नगर के मनोहर घाट स्थित नंदिनी गौशाला में नवनिर्मित 'पक्षीदाना स्थल' का गरिमामय लोकार्पण संपन्न हुआ। यह पुनीत कार्य मुकेश सोनी के पूज्य पिता स्वर्गीय गोविन्द लाल सोनी एवं माताजी स्वर्गीय श्रीमती राधा सोनी की पावन स्मृति में आयोजित किया गया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम की विशिष्टता यह रही कि संस्थान ने समाज के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में नन्हें-मुन्ने बालक-बालिकाओं के कर-कमलों से इस स्थल का उद्घाटन करवाकर नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
संस्थान के प्रतिनिधि अभिषेक सोनी और माधव सोनी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस पक्षीदाना स्थल का निर्माण समन्वय मानस मंडल सेवा समिति की सहमति एवं सहयोग से श्री राधागोविन्द स्मृति सेवा संस्थान द्वारा पूर्ण कराया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित बच्चों ने उत्साहपूर्वक पक्षियों के लिए दाना डालकर स्थल की शुरुआत की। पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को सुदृढ़ करने हेतु संस्थान के सदस्यों ने स्थल परिसर के समीप पौधारोपण भी किया। भविष्य में इस पक्षीदाना स्थल के सुचारू संचालन और देखरेख का उत्तरदायित्व आधिकारिक रूप से समन्वय मानस मंडल सेवा समिति को सौंपा गया है।
समन्वय मानस मंडल सेवा समिति के अध्यक्ष भरत पोरवाल ने संस्थान के इस सेवाभावी प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता आएगी, बल्कि मनुष्य प्रकृति के साथ अपने अटूट संबंधों को भी जीवंत रख सकेगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर एडवोकेट रामचंद्र उदयवाल, राजेंद्र सोनी, गायत्री सोनी, गिरधर सोनी, सुरेंद्र सोनी, नीलम सोनी, मुकेश सोनी, सोनल सोनी, हिमांशु सोनी, अभिषेक सोनी, हितांश, माधव, हंसिका, ध्रुवी, शिवा, कपिल सोनी, रितेश मीणा, मीनाक्षी मीणा, पीहू, पीयूष गुप्ता, संदीप शर्मा, अनुराग गौतम, आशीष जैन एवं पर्यावरण प्रेमी हरिमोहन बंसल उपस्थित रहे। साथ ही हेमराज गोचर, त्रिलोक गुप्ता, शिव शंकर चतुर्वेदी, नरेंद्र गोयल, नरेश राठौर, ओमप्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र गौतम, डॉ. इंद्रनारायण, जगदीश टेलर, शाम लखारा, महेश गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी इस साक्षी बने। "आओ कुछ करें उनके लिए, जो बोल नहीं सकते खुद के लिए" के ध्येय वाक्य के साथ संस्थान ने उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

