मोक्ष सप्तमी पर गूंजे पारसनाथ भगवान के जयकारे, जैन जोड़ला मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
बारां के जैन जोड़ला मंदिर में मोक्ष सप्तमी पर भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक, शांतिधारा और निर्वाण लाडू अर्पण हुआ। शाम को श्रीजी चौक से भव्य महाआरती यात्रा निकली और मंदिर में जयकारे गूंजे।

तस्वीर में श्रद्धालुओं द्वारा जैन जोड़ला मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक और शांतिधारा अनुष्ठान का दृश्य।
बारां। भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ स्वामी के पावन मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर बुधवार को बारां शहर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। जैन जोड़ला मंदिर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। मुनिश्री 108 गुरुदत्त सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा की तथा निर्वाण लाडू चढ़ाकर मोक्ष कल्याणक पर्व मनाया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
जैन समाज के कोषाध्यक्ष विवेक सोगानी ने बताया कि मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि मोक्ष का अर्थ केवल मृत्यु नहीं, बल्कि जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति है। जैन समाज के लिए मोक्ष कल्याणक केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा के परम लक्ष्य को समझने और जीवन में आत्मशुद्धि का संकल्प लेने का पावन अवसर है।
मोक्ष सप्तमी के पावन पर्व पर मुख्य शांतिधारा के पुण्यार्जक परिवार राजेन्द्र जैन समस्त सौगानी परिवार मोड़क वाले रहे। वहीं मुख्य लड्डू समर्पित परिवार प्रेमचंद कासलीवल समस्त कासलीवाल परिवार रहे। अन्य लड्डू समर्पित परिवारों में मैना बड़जात्या परिवार, स्व. ईश्वरचंद अजमेर परिवार, बीना पाटनी परिवार और मंजू देवी समस्त कासलीवाल परिवार रहे। महाआरती के पुण्यार्जक परिवार विमल चंद समस्त गोधा परिवार रहे।
जैन दर्शन में मोक्ष का अर्थ जन्म-मरण के चक्र से पूरी तरह मुक्त होकर आत्मा के शुद्ध एवं पूर्ण स्वरूप को प्राप्त करना माना गया है। भगवान पार्श्वनाथ ने तप, संयम, त्याग और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए सांसारिक मोह-माया का त्याग किया तथा कर्मों का क्षय कर मोक्ष प्राप्त किया। मोक्ष कल्याणक इसी महान साधना की स्मृति है।
प्रवक्ता अमित जैन ने बताया कि यह पर्व श्रद्धालुओं को संदेश देता है कि मनुष्य अपने भीतर के विकारों, मोह और आसक्ति को कम करते हुए आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़े।
मोक्ष कल्याणक के अवसर पर बुधवार शाम 7 बजे श्रीजी चौक से भव्य महाआरती यात्रा निकाली गई। सांस्कृतिक संयोजक अंकित पाटनी व नोहरा प्रभारी धनेश गोधा ने बताया कि यात्रा चौमुखा बाजार होते हुए श्री जैन जोड़ला मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं द्वारा भगवान पार्श्वनाथ की भक्ति-भाव से महाआरती की गई। महाआरती को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह बना हुआ था।
इस प्रकार मोक्ष सप्तमी पर जैन जोड़ला मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा, निर्वाण लाडू अर्पण और भव्य महाआरती यात्रा के माध्यम से भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक का आयोजन श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ सम्पन्न हुआ।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
