बारां में निःशुल्क आयुर्वेद शिविर: 64 मरीजों को परामर्श, 157 बच्चों का हुआ स्वर्ण प्राशन
बारां के राजकीय आयुर्वेदिक चल चिकित्सा इकाई में आयोजित निःशुल्क शिविर में 64 मरीजों को परामर्श, 157 बच्चों को स्वर्ण प्राशन और कई रोगियों का आयुर्वेदिक उपचार किया गया। महर्षि सुश्रुत जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

तस्वीर में बारां के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में एक चिकित्सक मरीजों का परामर्श ले रहे हैं, जबकि एक महिला बच्चे को स्वर्ण प्राशन की दवा पिला रही है।
बारां। शहर के सत्संग भवन मार्ग स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चल चिकित्सा इकाई में पुष्य नक्षत्र के अवसर पर निःशुल्क जांच एवं आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परामर्श लिया और विभिन्न आयुर्वेदिक उपचारों का लाभ प्राप्त किया।
चिकित्सालय प्रभारी डॉ. हरिशंकर मीणा ने बताया कि शिविर में 64 रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया, जबकि 60 मरीजों की विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। इस दौरान 0 से 16 वर्ष आयु वर्ग के 157 बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वर्ण प्राशन कराया गया। साथ ही 44 मरीजों की मधुमेह एवं हीमोग्लोबिन की निःशुल्क जांच भी की गई।
डॉ. मीणा ने बताया कि शिविर में अर्श, मस्सा एवं भगंदर जैसी गुदा संबंधी व्याधियों से पीड़ित 16 मरीजों की जांच कर उन्हें आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा एक्जिमा, सोरायसिस, दाद, खाज, शीतपित्त, काले तिल तथा पैरों में कील सहित विभिन्न चर्म रोगों से पीड़ित 36 मरीजों का आयुर्वेदिक औषधियों एवं अग्निकर्म पद्धति से उपचार किया गया।
शिविर के साथ महर्षि सुश्रुत जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित रोगियों एवं गणमान्य नागरिकों ने महर्षि सुश्रुत के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. मीणा ने कहा कि महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है। उन्होंने लगभग 2800 वर्ष पूर्व प्लास्टिक सर्जरी सहित अनेक जटिल शल्य प्रक्रियाओं का सफल वर्णन किया था, जो आज भी चिकित्सा विज्ञान के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
शिविर के सफल आयोजन में साक्षी गोयल, श्याम सिंह, मनीष गोयल, बबली गोयल, जगदीश खंडेलवाल, नितिका खंडेलवाल, महेंद्र गोयल, सुनीता गोयल, राकेश गर्ग, रमेश यादव, डोमा परिसंघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंकज, महामंत्री रमेशचंद यादव, मंत्री अशोक नरवाल, कोषाध्यक्ष कृष्णमुरारी मेहरा, संगठन मंत्री अजय महकालिया तथा लैब टेक्नीशियन दिनेश राठौड़ सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के माध्यम से मरीजों को परामर्श, स्वास्थ्य जांच और पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराए गए। वहीं महर्षि सुश्रुत जयंती के आयोजन ने शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी याद किया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
