राजेंद्र शर्मा, बारां।


शिविर का आयोजन और उद्देश्य

राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को शहर के सत्संग भवन मार्ग स्थित राजकीय आयुर्वेद चल चिकित्सा इकाई में फॉलोअप शिविर लगाया गया। जिसमें 70 रोगियों की फिर से की जांच की गई।

पूर्व शिविर का संदर्भ

शिविर प्रभारी डॉ. कमलेश कंवरिया ने बताया कि आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक वीरेंद्रकुमार सोहाया के निर्देशन में गत दिनों अग्रवाल सेवा सदन में 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अंतरंग क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर लगाया गया था। जिसमें भर्ती हुए रोगियों को इस फॉलोअप शिविर में बुलाया गया।

उपचार एवं चिकित्सीय टीम

  • शिविर में चिकित्सालय प्रभारी डॉ. हरिशंकर मीणा ने रोगियों की देखभाल, मस्से की जांच, भगन्दर के रोगियों का धागा बदलना और अन्य कार्य किए।
  • भगन्दर के रोगियां का क्षार सूत्र बदलकर की ड्रेसिंग की गई और औषधियां दी गईं।
  • रोगियों को आवश्यक दवाईयां दी गई, जिनका डॉ. मुकेश मीना, रजनीश पारीक, लक्ष्मी मीना सहित नर्सिंग स्टाफ ने सहयोग किया।

विशेषज्ञ परामर्श और सावधानी

शिविर में अर्श, मस्सा, भगन्दर रोग व क्षार सूत्र विशेषज्ञ डॉ. हरिशंकर मीना ने रोगियों को सलाह दी कि:

"जिनका एक बार ऑपरेशन हो चुका है, उनको खानपान और दिनचर्या का ध्यान रखते हुए ऋतु अनुसार भोजन लेना चाहिए। ऐसे रोगियों को प्रतिदिन फाइबर और आसानी से पचने वाला सुपाच्य भोजन करना चाहिए।"

"पेट प्रतिदिन बिना जोर लगाये साफ होना चाहिए। भगन्दर, मस्से व पाइल्स के रोगियों को ऑप्रेशन के बाद भी नियमित रूप से नजदीकी चिकित्सक के संपर्क में रहना चाहिए ताकि समय पर उपचार किया जा सके।"

Pratahkal Newsroom

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