बारां: अटरू में शामलात भूमि संरक्षण के लिए आयोजित हुआ सामुदायिक नेतृत्व उत्सव
राजस्थान सरकार और आईटीसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में हाड़ौती के चार जिलों के सामुदायिक लीडर्स ने चरागाह विकास और नीति निर्माण पर मंथन किया।

अटरू के चरडाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विकास अधिकारी राहुल कुमार वर्मा और सरपंच कृष्ण मुरारी दिलावर चरागाह संरक्षण के लिए सामुदायिक लीडर्स को संबोधित करते हुए।
राजेंद्र शर्मा, बारां/अटरू। अटरू उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुख्यालय चरडाना में राजस्थान सरकार, आईटीसी मिशन "सुनहरा कल" और "एफ ई एस" के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम शामलात की पुनर्स्थापना के लिए ग्रामीण समुदायों को क्षमतावर्धन कार्यक्रम के तहत सामुदायिक नेतृत्व के उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें हाडोती "शामलात का मंथन मंच" के कोटा-बारां-बूंदी एवं झालावाड़ जिलों के सामुदायिक लीडर्स ने भाग लिया, सभी ने चरागाहों एवं सामुदायिक जमीनों पर अपने विचारों को व्यक्त किये एवं पुनर्स्थापना के लिए अपने अनुभवों को साझा किया।
सामुदायिक नेतृत्व और प्राकृतिक संसाधनों पर मंथन
झालावाड़ से आए चमन सुमन ने प्राकृतिक खेती के बारे में चर्चा की एवं कोटा से आए हुए कन्हैया लाल ने विभिन्न जड़ी-बूटियों के महत्व को समझाया जो कि चरागाह में मिलती है। चर्चाओं में यह निकल कर आया कि चारागाहों की वर्तमान समय में बिगड़ रही स्थिति के लिए एक राज्य स्तर पर नीति का निर्माण होना चाहिए।
चरागाह संरक्षण एवं नीति निर्माण की आवश्यकता
चरडाना सरपंच एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण मुरारी दिलावर ने कहा कि उक्त संदर्भ के समाधान हेतु एक विभाग गठित होना चाहिए जिससे शामलाती संसाधनों को सुरक्षित करने में आसानी हो, क्योंकि अकेले सरपंच के प्रयासों से चारागाह जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करवाना बहुत कठिन है। दिलावर ने इस बात पर जोर दिया कि "चारागाह हमारे पूर्वजों की सम्पत्ति है, इसको बचाना हमारा कर्तव्य है।"
प्रशासनिक प्रोत्साहन एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान
अटरू ब्लॉक के विकास अधिकारी राहुल कुमार वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि "इस विषय पर आप लोग सोचते हैं, यह भी अपने आप में सराहनीय पहल है, आप इसी तरह से अपना यह कार्य जारी रखें और बेहतर चारागाह निर्माण करें, जिससे कि हम सब मिलकर बेहतर कल का निर्माण कर सके।" उन्होंने जानकारी दी कि दिसंबर के पहले सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय शामलात सप्ताह के दौरान हाडोती के चारों जिलों की पांच कहानियों का चयन हुआ एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रसारण हुआ।
सम्मान समारोह एवं कार्यक्रम का समापन
जिन कहानियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारण हुआ, उनको भी कार्यक्रम के दौरान प्रशस्ति पत्र का वितरण किया गया। इसी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। अंत में चरडाना सरपंच एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण मुरारी दिलावर ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
