बारां: आशा सहयोगिनियों ने मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण को लेकर सौंपा ज्ञापन
राजस्थान के बारां में आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ने न्यूनतम मानदेय 23700 रुपये करने और पदोन्नति में आरक्षण सहित विभिन्न मांगों के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

बारां में सोमवार को मानदेय वृद्धि और सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करतीं आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ की कार्यकर्ताएं।
राजेंद्र शर्मा, बारां। आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ने जिलाध्यक्ष इन्द्रा कुमारी सुमन के नेतृत्व में सोमवार को मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। वहीं जिला स्तरीय समस्याओं के समाधान को लेकर सीएमएचओ को ज्ञापन दिया गया।
नियमितीकरण और मानदेय में वृद्धि की मुख्य मांग
जिला महामंत्री ममता तलेटिया ने बताया कि:
- "चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आंगनबाडी पाठशाला पर कार्यरत आशा सहयोगिनियों को नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।"
- "आशा सहयोगिनियों का मासिक मानदेय श्रम एक्ट कानूनानुसार कुशल श्रमिक न्यूनतम मानदेय 816 रूपए प्रतिदिन की दर से 4959 रूपए प्रतिमाह से बढाकर 23700 रूपए प्रतिमाह किया जाए।"
पदोन्नति, आरक्षण एवं सहायता पैकेज
संघ ने मांग की है कि आशा सहयोगिनियों को अनुभव एवं योग्यता के आधार पर पदोन्नत कर एएनएम का दर्जा दिया जाए तथा आशा पर्यवेक्षक एवं नर्सिंग प्रशिक्षण भर्ती प्रक्रिया में 50 प्रतिशत सीटें आशा सहयोगिनियों के लिए आरक्षित किया जाए।
आशा सहयोगिनियों के सेवानिवृति अथवा आकस्मिक मृत्यु पर भरण पोषण के लिए सहायता पैकेज एक मुश्त राशि 11 लाख रूपए, मासिक पेंशन एवं परिवार की किसी भी आश्रित महिला को आशा सहयोगिनी बनाया जाए।
प्रोत्साहन राशि और अतिरिक्त कार्य का पारिश्रमिक
- "आशा सहयोगिनियों को आशा सॉफ्ट में दर्ज सभी गतिविधियों पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को बढाकर तीन गुना किया जाए तथा अन्य ऑफ लाइन कार्य पर भी पारिश्रमिक राशि दी जाए।"
- "आशा सहयोगिनियों को किसी भी प्राइवेट अस्पताल में संस्थागत प्रसव पर प्रोत्साहन राशि दी जाए।"
- "आशा सहयोगिनियों के आशा सॉफ्ट में दर्ज देय प्रोत्साहन राशि गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य कार्य जैसे आभा कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई-केवाईसी एवं सर्वे इत्यादि कराने हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा लिखित कार्यालय आदेश दिया जाए तथा अतिरिक्त अन्य कार्य कराने पर अन्य गतिविधियों की भांति समान अनुपात में प्रोत्साहन राशि दी जाए।"
संसाधन, अवकाश और कार्यस्थल सुरक्षा
आशा सहयोगिनियों को ऑनलाइन कार्य करने हेतु नया टेबलेट स्मार्टफोन दिया जाए। इसके अतिरिक्त, आशा सहयोगिनियों को मिलने वाली ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश 10-10 दिवस तथा वार्षिक देय आकस्मिक अवकाश 20 दिवस नहीं लेने पर मासिक मानदेय के अनुपात में भुगतान किया जाए।
आशा सहयोगिनियों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अथवा कर्मचारियों द्वारा मौखिक अनर्गल मानसिक दबाव बनाने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आशा सहयोगिनियां अनर्गल दबाव एवं मानसिक तनाव से मुक्त हो सके।
यह भी मांग की गई कि आशा सहयोगिनियों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य किसी विभाग का कार्य नहीं करवाया जाए।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता
ज्ञापन देने वालों में सैकडों की संख्या में जिलेभर की आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल थीं:
- इन्द्रा कुमारी सुमन (जिलाध्यक्ष)
- ममता तलेटिया (जिला महामंत्री)
- सीमा रानी, गायत्री भटट, हेमलता सुमन, रेखा वर्मा
- राजेश्वरी गौड, निर्मला नागर, ललिता यादव, मनीषा मीणा
- रेखा चौबदार, सुलोचना, मालती मेघवाल, सीमा पंकज
- तस्वीर बाई, शबाना बानो

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