बारां: आदर्श विद्या मंदिर में 'नानी बाई रो मायरो' कथा और कलश यात्रा शुरू
अंता के आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में बालिका शिक्षा और संस्कार जागरण के उद्देश्य से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का भव्य शुभारंभ हुआ।

बारां के अंता स्थित आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में आयोजित 'नानी बाई रो मायरो' कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा में सम्मिलित मातृशक्ति और बालिकाएं।
बारां/अंता। कस्बे में स्थित आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में सोमवार को बालिका शिक्षा, संस्कार जागरण एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय विशाल ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए निशा शर्मा ने बताया कि प्रातः 11 बजे गणेश मंदिर, कंचनपुरी से सैकड़ों मातृशक्ति एवं बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा निकाली। यात्रा का मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। कथा स्थल पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन के पश्चात कथा का शुभारंभ हुआ। प्रसिद्ध मायरा वाचक शिव वैष्णव जी महाराज ने अपने मधुर एवं हृदयस्पर्शी प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
संस्कार, संस्कृति और शिक्षा का अनूठा समन्वय
अपने उद्बोधन में शिव वैष्णव जी महाराज ने ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नारी सम्मान एवं बालिका शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "बालकों को प्रारंभ से ही उत्तम संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही संस्कार उनके जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करते हैं।" उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों के नाम भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप रखें तथा जन्मदिन जैसे महत्वपूर्ण अवसर भी भारतीय पद्धति से मनाएं, जिससे बालकों में अपने संस्कारों के प्रति गर्व की भावना विकसित हो। महाराजश्री ने विशेष रूप से कहा कि विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से परिपूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है।
श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता और आयोजन व्यवस्था
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति एवं बालिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन समिति ‘समन्वय महिला मंडल’ द्वारा संपूर्ण व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सराहनीय रूप से संचालित की गई। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
