बारां। राजस्थान के बारां जिले में महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जिला प्रशासन अब बेहद कड़े रुख में नजर आ रहा है। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए प्रभावी ‘पॉश’ (POSH) अधिनियम 2013 की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ी कवायद शुरू की गई है। इस नियम के तहत जिले के समस्त राजकीय और निजी संस्थानों में अनिवार्य रूप से आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी संस्थान में इस समिति का अभाव पाया गया, तो उस पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

जिला कलक्टर ने इस संवेदनशील विषय की गंभीरता को देखते हुए जिला श्रम कल्याण अधिकारी को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत जिले के सभी संस्थानों का पुनः सर्वे कर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, जिन भी कार्यालयों या संस्थानों में न्यूनतम 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इतना ही नहीं, इस समिति का आधिकारिक 'शी-बॉक्स' (SHe-Box) पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना भी आवश्यक है ताकि पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत सुगमता से दर्ज करा सकें।

इस मुहिम के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रशासन ने सचेत किया है कि सर्वे रिपोर्ट में जिन कार्यालयों या निजी प्रतिष्ठानों में समिति का गठन नहीं मिलेगा, उनके विरुद्ध पॉश अधिनियम की धारा 26 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत दोषी संस्थान पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा दिए गए उन निर्देशों की अनुपालना है, जिसमें हर कामकाजी महिला को एक सुरक्षित और गरिमामय वातावरण प्रदान करने की बात कही गई है।

राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन की इस सक्रियता से उन संस्थानों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने अब तक इस कानून को गंभीरता से नहीं लिया था। यह पहल न केवल बारां जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं के प्रति सम्मानजनक और भयमुक्त परिवेश निर्मित करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि महिला सुरक्षा के मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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