बारां: नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव ने जिले में विकास कार्यों का परखा दम, टेक्नोलॉजी और खेलों से बदलेगी विकास की तस्वीर
बारां जिले में नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सहरिया मॉडल कॉलोनी, मल्टीपर्पज सेंटर और स्कूलों का निरीक्षण कर टेक्नोलॉजी व खेलों के माध्यम से रोजगार की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया। एआई के दौर में ग्रामीण विकास और प्रशासनिक नवाचारों पर केंद्रित इस यात्रा में जिला कलक्टर और अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश।

बारां। राजस्थान के बारां जिले में विकास की नई इबारत लिखने और आकांक्षी जिला कार्यक्रम की जमीनी हकीकत टटोलने के लिए नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण मोर्चा संभाला। बारां के मिनी सचिवालय से लेकर दूरस्थ सहरिया बस्तियों तक पहुंचे अतिरिक्त सचिव ने न केवल प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय किया, बल्कि भविष्य के भारत की एक ऐसी तस्वीर पेश की जहां टेक्नोलॉजी और खेल रोजगार के सबसे बड़े माध्यम बनकर उभरेंगे। ठाकुर ने स्पष्ट संदेश दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस युग में तकनीक का लाभ सुदूर गांवों के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है, ताकि ग्रामीण कार्यकुशलता में अभूतपूर्व वृद्धि की जा सके।
समीक्षा बैठक का आगाज मिनी सचिवालय के सभागार में हुआ, जहां अतिरिक्त सचिव ठाकुर ने प्रशासनिक अमले के साथ जिले की प्रगति का बारीक विश्लेषण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 250 की आबादी वाले गांवों की कनेक्टिविटी, स्कूलों में पेयजल और बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय जैसे बुनियादी ढांचों पर जोर दिया। बैठक में सहरिया परिवारों को पोषण किट, सूक्ष्म सिंचाई, कुपोषण प्रबंधन और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संवाद हुआ। ठाकुर ने आगामी कॉमनवेल्थ खेलों का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे खेल के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं तलाशें। उन्होंने बारां में लागू 'खटका मॉडल विलेज' और 'मिशन लाइट हाउस' जैसे नवाचारों की सराहना करते हुए इन्हें प्रदेश के लिए एक मिसाल बताया।
धरातलीय निरीक्षण के दौरान राजीव सिंह ठाकुर ने किशनगंज और शाहबाद के उन दुर्गम इलाकों का रुख किया जहां विकास की किरणें पहुंच रही हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेजाजी का डण्डा में व्यवस्थाओं को जांचने के बाद वे बांसथूनी पहुंचे, जहां उन्होंने देश की दूसरी सबसे बड़ी मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित पीएम जनमन सहरिया हाउस कॉलोनी का अवलोकन किया। यहां 52 परिवारों के लिए उपलब्ध पक्के मकान, बिजली, नल कनेक्शन और कौशल विकास केंद्रों को देखकर उन्होंने प्रशासन की पीठ थपथपाई। बाल्दा में वनधन विकास केंद्र की महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को सराहा। बैठक में जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने पोषित बारां, ज्ञानदीप केंद्र और डिजिटल लर्निंग जैसे प्रोजेक्ट्स की सफलता का ब्योरा दिया और बताया कि बारां में देश का पहला मल्टीपर्पज सेंटर स्थापित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
इस दौरान किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिस पर अतिरिक्त सचिव ने तत्काल नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण समीक्षा यात्रा में एडीएम भंवरलाल जनागल, सीईओ राजवीर सिंह चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर जबर सिंह, उपखंड अधिकारी राकेश कुमार एवं विश्वजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव सक्सेना और एनआईसी के उप निदेशक पूनम पाटनी सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। शनिवार को भी अतिरिक्त सचिव का प्रवास जारी रहेगा, जिसके तहत वे मण्डोला छापर में सोलर पैनल, बहादुरगंज में पॉलीहाउस और ग्राम छेलाबेल में स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर जिले की विकास यात्रा को और गति प्रदान करेंगे।

Pratahkal Bureau
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