बारां के कोटा रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में समाजसेवी व छात्र तरूण मीणा ने कवाई अडानी पावर प्लांट पर मांगों की लगातार अनदेखी करने, अटरू प्रशासन की अधिकारशाही तथा पीड़ितों का पक्ष उठाने वालों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने के आरोप लगाए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए कार्रवाई की मांग की।

तरूण मीणा ने कहा कि वह अपने सहयोगियों के साथ कवाई अडानी पावर प्लांट के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर पिछले आठ माह से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी एक भी मांग पर अडानी पावर प्लांट ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान प्लांट प्रबंधन के समक्ष रोजगार समिति और सीएसआर समिति के गठन, गरीब परिवारों को बिजली बिल में राहत, प्रदूषण की जांच, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छतों पर जमा होने वाले राख प्रदूषण से राहत, अडानी स्कूल में निःशुल्क शिक्षा, अकुशल मजदूरों के लिए हथकरखा उद्योग, योग्य बच्चों के लिए प्रतियोगिता, टीबी बीमारियों से प्रभावित परिवारों को मुआवजा तथा कवाई अस्पताल के आधुनिकीकरण सहित अन्य मांगें रखी गई थीं। इन मांगों को लेकर एसडीएम अटरू, जिला कलेक्टर एवं एडीएम को ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं।

तरूण मीणा का आरोप है कि कवाई थानाधिकारी ने बेबुनियाद आरोप लगाकर उनके तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा दर्ज कराया। उनका कहना है कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि 20 जून को हजारों लोगों की मौजूदगी में जन आंदोलन आयोजित किया गया, लेकिन अडानी प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। केवल एसडीएम, तहसीलदार और डिप्टी मौके पर पहुंचे, जिनके समक्ष 20 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बावजूद 15 दिन तक कोई वार्ता नहीं हुई और 16वें दिन उन्हें अकेले बुलाकर सभी मांगों को खारिज कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर 11 जुलाई को आंदोलन की घोषणा की गई थी, लेकिन 10 जुलाई को वह सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों के साथ अडानी पावर प्लांट के अधिकारियों से वार्ता के लिए पहुंचे। उनका कहना है कि अडानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार से 500 मीटर दूर बैठकर भारत माता की जय के नारे लगाए जा रहे थे, तभी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और चार युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चार युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने कवाई में धरना-प्रदर्शन भी किया।

पत्रकार वार्ता में तरूण मीणा ने मांग की कि अडानी पावर प्लांट उनकी सभी मांगों को स्वीकार करे, कवाई एएसआई दिलीप कुमार को लाइन हाजिर किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करता है तो वह फिर से जन आंदोलन शुरू करेंगे।

Pratahkal Bureau

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