बांसवाड़ा की पावन धरा और गोविंद गुरु की तपोभूमि में राष्ट्रवाद और छात्र शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के चित्तौड़ प्रांत का तीन दिवसीय 61वाँ प्रांत अधिवेशन 3 जनवरी से 5 जनवरी तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामय आयोजन में समूचे प्रांत से आए छात्र प्रतिनिधियों ने न केवल संगठन की भावी रणनीति पर विचार-मंथन किया, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने संकल्पों को भी दोहराया। अधिवेशन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्विन शर्मा का विशेष सान्निध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

तीन दिनों तक चले इस वैचारिक महाकुंभ में कुल आठ सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के दौरान कार्यकर्ताओं को अधिवेशन की भूमिका, प्रांत मंत्री प्रतिवेदन और महत्वपूर्ण प्रस्तावों के माध्यम से छात्र राजनीति और सामाजिक सरोकारों की बारीकियों से अवगत कराया गया। अधिवेशन के अंतिम सोपान में सत्र 2025-26 के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। नवनियुक्त प्रांत अध्यक्ष डॉ. पारस टांक ने जब कार्यकारिणी के नामों की घोषणा की, तो उसमें बारां जिले का वर्चस्व और कार्यकर्ताओं का समर्पण स्पष्ट रूप से झलका।

बारां के ऊर्जावान छात्र नेता सुनील प्रजापति को उनकी सक्रियता और छात्र हितों के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए प्रांत कार्यकारिणी सदस्य के महत्वपूर्ण दायित्व से नवाजा गया है। सुनील प्रजापति का छात्र राजनीति में एक लंबा और प्रभावी सफर रहा है। उन्होंने पूर्व में बारां जिले में नगर सहमंत्री और महाविद्यालय परिसर में विभिन्न पदों पर रहते हुए अनेक छात्र आंदोलनों का सफल नेतृत्व किया है। वर्तमान में वे बारां भाग के भाग संयोजक के रूप में कार्यरत हैं और अब उनकी सेवाओं का विस्तार पूरे प्रांत स्तर पर किया गया है।

बारां जिले की धमक इस अधिवेशन में पूरी तरह महसूस की गई, जहाँ से कुल 25 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ. पारस टांक ने नई टीम की घोषणा करते हुए प्रवीण शर्मा को प्रांत खेल संयोजक, आर्यन मीणा को प्रांत जनजाति संयोजक और नंदनी गौतम को प्रांत कार्यकारिणी सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारियां सौंपीं। अधिवेशन का समापन बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा, जहाँ सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में मां भारती की सेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया। यह अधिवेशन न केवल संगठन की मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि इसने आने वाले समय में छात्र शक्ति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की एक नई इबारत लिख दी है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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