अटरू: केशव महाविद्यालय में उमड़ा उत्साह, स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर 'युवा दौड़' से गूंजा शहर
बारां के अटरू स्थित केशव महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस का भव्य आयोजन हुआ। NSS इकाई द्वारा आयोजित 'युवा दौड़' और बौद्धिक सत्र में जिला प्रचारक नितेश और निदेशक कृष्ण मुरारी दिलावर सहित छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करता यह लेख विस्तार से पढ़ें।

राजेंद्र शर्मा, बारां/अटरू। भारतीय संस्कृति के संवाहक और अध्यात्म के प्रखर प्रतीक स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के पावन अवसर पर अटरू स्थित केशव महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल युवाओं में ऊर्जा का संचार किया, बल्कि स्वामी जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी दोहराया। आयोजन का मुख्य आकर्षण 'युवा दौड़' रही, जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने अदम्य उत्साह के साथ भाग लेकर महापुरुष को अपनी भावांजलि अर्पित की।
यह गौरवमयी दौड़ महाविद्यालय परिसर से अत्यंत जोश के साथ प्रारंभ हुई। धावकों का कारवां बंधा रोड और गायत्री नगर चौराहे से होते हुए गुजरा, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने भी युवाओं के इस जज्बे को सराहा। देशभक्ति के नारों और स्वामी विवेकानंद के जयघोष के बीच यह दौड़ पुनः महाविद्यालय प्रांगण में आकर संपन्न हुई। शारीरिक सौष्ठव और मानसिक दृढ़ता का संदेश देती इस दौड़ ने शहर के वातावरण को स्वामी जी के विचारों से ओतप्रोत कर दिया।
दौड़ के पश्चात महाविद्यालय के 'केशव सभागार' में एक गरिमामय बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी अजय त्यागी ने बताया कि इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक नितेश उपस्थित रहे। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मंच पर महाविद्यालय के निदेशक कृष्ण मुरारी दिलावर और चेयरमैन सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता नितेश ने अपने संबोधन में युवाओं को स्वामी जी के 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' के ध्येय वाक्य का स्मरण कराया। उन्होंने आधुनिक संदर्भों में स्वामी जी के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाने का आह्वान किया।
यह आयोजन केवल एक रस्म अदायगी न रहकर युवाओं के संकल्प का प्रतिबिंब बन गया। अंत में महाविद्यालय प्रबंधन ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि आज का युवा अपनी जड़ों और सांस्कृतिक नायकों के प्रति पूर्णतः सजग है, जो आने वाले समय में एक सशक्त और आध्यात्मिक भारत की आधारशिला रखेंगे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
