अशोक गहलोत के आरएसएस पर बयान से गरमाई सियासत, भाजपा का कांग्रेस से तीखा सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आरएसएस पर दिए गए बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में उबाल आ गया है। भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आपातकाल और संवैधानिक अपमान के इतिहास पर तीखे सवाल उठाए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

राजस्थान के बारां में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार और जिला प्रवक्ता योगेश राजोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अशोक गहलोत के आरएसएस पर दिए बयान की निंदा की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर की गई टिप्पणी ने राजस्थान की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। गहलोत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा ने इसे राजनीतिक हताशा करार देते हुए कांग्रेस के इतिहास और संवैधानिक मूल्यों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटनाक्रम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने आरएसएस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार और जिला प्रवक्ता योगेश राजोरा ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस को घेरा। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने कहा कि आरएसएस पिछले एक शताब्दी से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण के कार्यों में संलग्न है। उन्होंने कहा कि आपदा और महामारी के कठिन दौर में संघ के स्वयंसेवकों ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा का कार्य किया है। ऐसे सेवाभावी संगठन पर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आपातकाल के दौर की याद दिलाई। नरेश सिंह सिकरवार ने कांग्रेस से सवाल किया कि देश में आपातकाल लगाकर संविधान और लोकतंत्र का गला किसने घोंटा था, कांग्रेस को पहले इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश को जाति, वर्ग व वोट बैंक की राजनीति के आधार पर विभाजित करने का रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को भलीभांति समझ चुकी है।
वहीं, जिला प्रवक्ता योगेश राजोरा ने कहा कि जो कांग्रेस आज संघ को संविधान का पाठ पढ़ा रही है, उसे पहले अपने उन नेताओं के बयानों पर आत्ममंथन करना चाहिए, जो निरंतर देश की सनातन संस्कृति और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं। राजोरा ने कहा कि संघ का मूल मंत्र 'राष्ट्र प्रथम' है और उसकी संविधान के प्रति निष्ठा पर प्रश्नचिह्न खड़े करने का किसी को नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और विभाजनकारी राजनीति के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं ने निष्कर्ष स्वरूप कहा कि अशोक गहलोत का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि संघ और भाजपा पर अनर्गल आरोप लगाने के बजाय वे जनता के बीच अपनी घटती विश्वसनीयता पर चिंतन करें। भाजपा का दावा है कि देश की जनता आज विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के साथ खड़ी है और कांग्रेस की कथित भ्रामक राजनीति को नकार रही है। यह बयानबाजी आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में वैचारिक संघर्ष को और अधिक तीव्र करने की ओर संकेत कर रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
