अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया का सीएम को पत्र, किसानों की समस्याओं का मांगा समाधान
संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने अन्ता विधायक को सौंपा ज्ञापन, फसल बीमा क्लेम, कर्ज माफी और महलपुर बांध मुआवजे सहित विभिन्न मांगों पर त्वरित कार्रवाई की अपील।

बारां 21 मार्च। अन्ता एवं मांगरोल विधानसभा क्षेत्र में किसानों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर आज संयुक्त किसान संघर्ष समिति द्वारा अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया को एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु राज्य सरकार से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है। विधायक प्रमोद जैन भाया ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के किसानों की समस्याएं पूरी गंभीरता के साथ राज्य सरकार तक पहुंचायी जाकर उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
लंबित बीमा क्लेम, मुआवजा और कर्ज माफी की मांग
ज्ञापन में किसानों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मांगरोल तहसील क्षेत्र में खरीफ फसलों के नुकसान का बीमा क्लेम एवं मुआवजा पिछले 9 माह से लंबित पड़ा हुआ है, जिससे किसान वर्तमान में गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। किसानों ने पुरजोर मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से न्यूनतम 25000 रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रदान किया जाए। इसके अलावा सहकारी समितियों एवं केन्द्रीयकृत बैंकों से जुड़े किसानों के लिए एकमुश्त सम्पूर्ण कर्ज माफी की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है ताकि किसानों को कर्ज के बोझ से राहत मिल सके और वे पुनः खेती में सक्रिय हो सकें।
महलपुर बांध विस्थापितों का हक और आवारा पशुओं का संकट
किसानों ने महलपुर बांध में अधिग्रहित की गई भूमि का लंबित मुआवजा शीघ्र देने की मांग दोहराते हुए कहा कि मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। किसानों की मांग है कि गौशालाओं की तर्ज पर पशुपालकों को प्रत्येक पशु पर 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए जिससे पशुओं की समुचित देखभाल हो सके और फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
वन्य जीवों से सुरक्षा और विधायक का आश्वासन
लेख में आगे वन क्षेत्र से निकलकर फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले वन्य जीव जैसे हिरण, सूअर एवं रोजड़े आदि को वन सीमा में ही रोकने हेतु ठोस एवं प्रभावी प्रावधान किए जाने की मांग भी की गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक प्रमोद जैन भाया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "किसानों की समस्याएं उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं और इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शीघ्र समाधान की मांग की गई है।"

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
