अंता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बारां जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वृहद एवं एकल ग्राम पेयजल परियोजनाओं की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष प्रकट किया है। भाया ने अंता, नागदा, बल्देवपुरा, सिंगोला और सायगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित इन योजनाओं के अपेक्षित लाभ आमजन तक न पहुंचने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का मूल उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, किंतु प्रशासनिक उपेक्षा, कमजोर मॉनिटरिंग और संचालकों की घोर लापरवाही के कारण आज अधिकांश स्थानों पर जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो चुकी है।

पूर्व मंत्री द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर करवाए गए सर्वे में चौंकाने वाली खामियां उजागर हुई हैं। जांच में सामने आया कि कई गांवों में अब तक घर-घर जलापूर्ति शुरू ही नहीं हो सकी है और असंख्य परिवार नल कनेक्शन से वंचित हैं। क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों और तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण लेआउट के कारण जल वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। अनेक गांवों में पानी की पहुंच मात्र सार्वजनिक पॉइंट तक सीमित होकर रह गई है, वहीं कई स्थानों पर जल टंकियां तैयार होने और पाइपलाइन बिछने के बावजूद आपूर्ति ठप पड़ी है। अनियमित और अल्प जलापूर्ति ने ग्रामीणों की समस्याओं को और अधिक विकराल बना दिया है, जिससे ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

विधायक भाया ने आरोप लगाया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार ठेकेदारों को निर्माण के साथ आगामी 10 वर्षों तक रख-रखाव का उत्तरदायित्व सौंपा गया है, इसके बावजूद कार्यस्थल पर योग्य एवं प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने स्थानीय श्रमिकों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए बताया कि मजदूरों से काम तो लिया गया, लेकिन पिछले 10-12 महीनों से उन्हें पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है, जो अनुबंध का खुला उल्लंघन है। इस प्रकरण में उन्होंने जिला कलेक्टर से मांग की है कि प्रत्येक परियोजना में स्वीकृत एवं कार्यरत श्रमिकों की सूची मंगवाई जाए और ग्राम स्तर पर सरपंच व स्थानीय निवासियों के माध्यम से उनका भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, गलत तरीके से किए गए भुगतानों की वसूली, दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए प्रमोद जैन भाया ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अविलंब सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे क्षेत्र की जनता के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र जन आंदोलन का बिगुल फूकेंगे, जिसकी समस्त नैतिक और विधिक जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक घर तक नियमित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य है और जनहित से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।

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