बारां में मानवता की मिसाल: 87वें निःशुल्क नेत्र शिविर में 42 लोगों की आंखों में लौटेगी रोशनी
बारां की खंडेलवाल धर्मशाला में भारत विकास परिषद् और डी.डी. नेत्र सेवा फाउंडेशन द्वारा 87वां निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किया गया। भंडारी परिवार के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 120 मरीजों की जांच की गई और 42 का ऑपरेशन हेतु चयन हुआ। पढ़ें सेवा और समर्पण की यह पूरी रिपोर्ट।

हाड़ौती अंचल के बारां शहर में सेवा और समर्पण का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहां अंधकार से जूझ रहे दर्जनों परिवारों के जीवन में नई किरण लाने का संकल्प लिया गया। भारत विकास परिषद् बारां शाखा और डी.डी. नेत्र सेवा फाउंडेशन (अंधता निवारण समिति) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 11 जनवरी को खंडेलवाल धर्मशाला में 87वां निःशुल्क नेत्र जांच एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महायज्ञ सिद्ध हुआ, जो स्वर्गीय राजेंद्र मोहन जी की पुण्य स्मृति में मदन मोहन भंडारी, पराग मोहन भंडारी एवं समस्त भंडारी परिवार के उदार सहयोग से फलीभूत हुआ।
कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव से ओतप्रोत हो गया। परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोटा स्थित डी.डी. नेत्र चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉ. दिव्यांशु शर्मा और उनकी कुशल टीम ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से मरीजों के आंखों की गहन जांच की। शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 120 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। जांच के उपरांत टीम ने 42 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया।
शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष संवेदनशीलता बरती गई। चयनित मरीजों को विशेष वाहन द्वारा निःशुल्क कोटा ले जाया गया है, जहां उनके ऑपरेशन किए जाएंगे और आगामी मंगलवार को उन्हें पुनः सुरक्षित शिविर स्थल पर वापस लाया जाएगा। शिविर के दौरान न केवल सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयां निःशुल्क वितरित की गईं, बल्कि पूर्व में आयोजित कैंपों में लाभान्वित हुए मरीजों को चश्मों के नंबर भी प्रदान किए गए। शिविर प्रभारी राजेंद्र डंग और अमित अरोड़ा ने बताया कि सेवा का यह क्रम निर्बाध रूप से जारी है।
मंच का कुशल संचालन सचिव हितेश खंडेलवाल ने किया, जिन्होंने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस पुनीत कार्य में परिषद के सदस्य पराग टोंगया, राजेश मित्तल, डॉ. वीरेंद्र माथोडीया, प्रवीण बंसल, रमाकांत गुप्ता, राजेंद्र डंग, नरेश खंडेलवाल, मनोज मित्तल, अंबिका शर्मा और राजेंद्र विजय सहित कई गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। बारां में आयोजित यह 87वां शिविर न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह समाज के उस सामूहिक उत्तरदायित्व को भी दर्शाता है जो अभावग्रस्त लोगों के जीवन में उजाला भरने के लिए सदैव तत्पर रहता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
