बारां/अंता, 18 दिसंबर 2025। कृषि क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, अंता में गुरूवार को नाबार्ड के सहयोग से आयोजित ‘एग्री क्लीनिक व एग्री बिजनेस सेंटर’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम में कृषि विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए डॉ. बनवारी लाल शाह ने कहा कि इस योजना के माध्यम से छात्र स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दे सकते हैं।

कार्यशाला में संयुक्त निदेशक कृषि, धनराज मीणा ने बताया कि यह परियोजना कृषि स्नातकों में उद्यमिता विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे कृषि परामर्श, मृदा परीक्षण, फसल सलाह, कीट एवं रोग प्रबंधन, बीज और उर्वरक मार्गदर्शन तथा कृषि यंत्रीकरण जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर उद्यमी बन सकते हैं।

डीडीएम नाबार्ड घनश्याम मीणा ने बताया कि इस परियोजना का संचालन कृषि एवं किसान मंत्रालय द्वारा नाबार्ड और मैनेज हैदराबाद के सहयोग से किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे विद्यार्थी कृषि परामर्श केंद्र या कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित होते हैं। योजना के तहत अभ्यर्थियों को बैंक ऋण पर 36 प्रतिशत से 44 प्रतिशत तक की कैपिटल सब्सिडी दी जाती है, जिसमें प्रति व्यक्ति 20 लाख और समूह के लिए 1 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

कार्यशाला में डॉ. टी. सी. वर्मा, आचार्य कीट विज्ञान ने बताया कि कृषि स्नातक बैंकों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ा सकते हैं और शहरी पलायन को रोकने में योगदान दे सकते हैं। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. गीतिका शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला में माता भगवती देवी देव संस्कृति कृषि महिला महाविद्यालय के 67 विद्यार्थियों ने भाग लिया और एग्री क्लीनिक व एग्री बिजनेस सेंटर के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में रूडसेट संस्थान के निदेशक श्री देवेन्द्र कुमार, एलडीएम यूनियन बैंक के भानू पाठक, पीएनबी बैंक के ब्रांच मैनेजर जितेन्द्र नागर सहित विभिन्न बैंक प्रबंधक भी उपस्थित रहे। इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को रोजगार सृजन के अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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