बांसवाड़ा की धरती पर अभाविप का महाकुंभ: जनजातीय अस्मिता और छात्रशक्ति के हुंकार से गूंजा वागड़
बांसवाड़ा में संपन्न हुआ अभाविप का 61वाँ प्रान्त अधिवेशन ऐतिहासिक रहा, जिसमें शिक्षा, जनजातीय अस्मिता और छात्रसंघ चुनावों पर 4 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। प्रो. पारस टांक अध्यक्ष और जितेन्द्र लोधा मंत्री निर्वाचित हुए। जनजातीय गौरव और शैक्षिक सुधारों के संकल्प के साथ अभाविप ने राजस्थान में 1.75 लाख से अधिक सदस्यों का नया कीर्तिमान भी बनाया।

बांसवाड़ा। राजस्थान के दक्षिण छोर पर स्थित वागड़ की पावन धरा बांसवाड़ा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 61वाँ प्रान्त अधिवेशन एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में संपन्न हुआ। रॉयल केशरी न्यू लुक परिसर में स्थापित 'वीर बाला कालीबाई नगर' के 'भगवान बिरसा मुंडा सभागार' में आयोजित इस अधिवेशन ने न केवल शैक्षिक सुधारों की नई इबारत लिखी, बल्कि जनजातीय गौरव और छात्र राजनीति के भविष्य को लेकर एक सशक्त विमर्श भी पैदा किया। यह अधिवेशन केवल एक सांगठनिक बैठक मात्र नहीं था, बल्कि राजस्थान के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने के लिए युवाओं के संकल्प का प्रतिबिंब बनकर उभरा।
अधिवेशन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका शुभारंभ परमपूज्य अनंत विभूषित महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द ब्रह्मचारी (उत्तम स्वामी महाराज) के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी और राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा की उपस्थिति ने देशभर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री जितेन्द्र लोधा और प्रदेश सह मंत्री राहुल वर्मा ने बताया कि यह आयोजन संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक चेतना की दृष्टि से अभूतपूर्व रहा।
अधिवेशन के दौरान आयोजित 'गोविंद गुरु प्रदर्शनी' आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसका उद्घाटन राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. के. एस. ठाकुर और प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र कलाल ने किया। इस प्रदर्शनी ने स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय समाज के बलिदान और अभाविप के 77 वर्षों के राष्ट्रनिर्माण के सफर को सजीव कर दिया। प्रान्त मंत्री जितेन्द्र लोधा ने अपने प्रतिवेदन में गर्व के साथ उल्लेख किया कि सत्र 2025-26 में परिषद ने 1,75,578 सदस्यों के साथ सदस्यता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
वैचारिक मंथन के सत्रों में शिक्षा, समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चार मुख्य प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य के शिक्षण संस्थानों में संरचनात्मक सुधार, राजस्थान के सामाजिक परिदृश्य में व्याप्त षड्यंत्रों और पलायन के विरुद्ध संघर्ष, जनजातीय समाज की अस्मिता व सुरक्षा, तथा छात्रसंघ चुनावों के माध्यम से सक्षम नेतृत्व निर्माण जैसे गंभीर विषय शामिल रहे। अधिवेशन में प्रो. (डॉ.) पारस टांक को पुनः प्रान्त अध्यक्ष और जितेन्द्र लोधा को प्रान्त मंत्री निर्वाचित किया गया, जिन्हें चुनावाधिकारी सोनू गौराम ने पदभार ग्रहण कराया।
अधिवेशन के समापन पर भविष्य की कार्ययोजना का खाका भी प्रस्तुत किया गया। आगामी समय में अभाविप प्रदेशभर में छात्रावास सर्वेक्षण अभियान चलाएगी और महारानी अब्बका की 500वीं, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं, तथा वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ जैसे गौरवशाली पर्वों को व्यापक रूप से मनाएगी। इसके साथ ही 'परिसर चलो अभियान' के तहत 'स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम' विषय पर युवाओं को डिजिटल लत से मुक्त कर मैदानी गतिविधियों से जोड़ने का बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा। बांसवाड़ा में संपन्न हुआ यह अधिवेशन आने वाले समय में राजस्थान की छात्र राजनीति और सामाजिक समरसता की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

Pratahkal Bureau
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