बारां। राजस्थान के बारां शहर में आस्था और उल्लास का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब श्रीसंघ की गरिमामयी उपस्थिति में गाजे-बाजे और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ चंद्रप्रभु दिबंबर जैन मंदिर की 15वीं वर्षगांठ अत्यंत हर्षोल्लास से मनाई गई। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस वार्षिकोत्सव ने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया, क्योंकि इसी शुभ दिन वर्षों पूर्व इस भव्य देवालय पर प्रथम ध्वजारोहण कर इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की नींव रखी गई थी। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अलसुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और वातावरण मंत्रोच्चार एवं भक्ति संगीत से सराबोर हो गया।

मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र रंगावत, विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया तथा गौतम मारू ने इस धार्मिक आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर विधायक प्रमोद जैन भाया ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि भारतवर्ष में बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का सूचक नहीं है, बल्कि यह ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के पूजन, कला की वंदना और जीवन में नई ऊर्जा के संचार का एक पवित्र संगम है। माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी का यह दिन जैन समाज के लिए भी नई शुरुआत और संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

आयोजन की धार्मिक गतिविधियों को लेकर गौतम बोरडिया और नवयुवक मंडल सचिव राहुल मारू ने बताया कि वर्षगांठ के मुख्य आकर्षण के रूप में चंद्रप्रभु भगवान की मुख्य ध्वजा का आरोहण, संसारभेदी पूजा और सामूहिक स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया गया। इन समस्त मुख्य कार्यक्रमों के लाभार्थी होने का सौभाग्य विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया और यूथ अध्यक्ष यश जैन भाया को प्राप्त हुआ। भक्ति के इस अनुष्ठान में राजनैतिक और सामाजिक व्यक्तित्वों के जुड़ाव ने समाज में एकता का संदेश दिया।

महिला मंडल की सक्रियता भी इस उत्सव में देखते ही बनी। महिला मंडल अध्यक्ष उर्मिला जैन भाया, निर्मला बोरडिया और चेतना श्रीमाल ने जानकारी दी कि मंदिर परिसर में स्थित अन्य वेदियों पर भी श्रद्धापूर्वक ध्वजा परिवर्तन किया गया। विमलनाथ भगवान की ध्वजा चढ़ाने का पुण्य लाभ सुरेश कुमार अशोक बोरडिया परिवार ने अर्जित किया, जबकि छोटे भगवान चंद्रप्रभु की ध्वजा का लाभ हेमंत श्रीमाल, ऋषभ श्रीमाल और बुद्धिप्रकाश मारू के परिवार को मिला। इस दौरान पूरा श्रीसंघ एकजुट नजर आया और सामूहिक प्रार्थना के साथ विश्व शांति की कामना की गई।

पूजा-अर्चना और अनुष्ठान की संपूर्ण विधि को पंडित राजेश पुजारी द्वारा शास्त्रोंक्त रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। शांतिधारा से लेकर महाआरती तक के दृश्यों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह 15वीं वर्षगांठ केवल एक तिथि का उत्सव नहीं, बल्कि बारां के जैन समाज की अटूट श्रद्धा और एकता का जीवंत प्रमाण बनकर उभरी है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत और धर्म के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देती रहेगी।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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