बारां में कड़ाके की ठंड के बीच मानवता की गर्माहट: महाराणा प्रताप सेवा संघ ने झुग्गी-झोपड़ियों में बांटे कंबल
बारां में भीषण ठंड के बीच महाराणा प्रताप सेवा संघ ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए तेल फैक्ट्री, बाबजी नगर और गोध्यापुरा जैसी कच्ची बस्तियों में 51 जरूरतमंदों को ऊनी कंबल वितरित किए। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गालव सहित पूरी टीम ने झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे असहाय परिवारों की मदद की और आगामी 25 जनवरी को पुनः सहायता का संकल्प लिया।

बारां। हाड़ौती अंचल में बढ़ती शीतलहर और हाड़ कपा देने वाली ठंड के बीच मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। बारां जिले में असहाय और अभावग्रस्त परिवारों के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान लौट आई, जब महाराणा प्रताप सेवा संघ के पदाधिकारी आधी रात के सन्नाटे और कड़ाके की ठंड के बीच उनकी सुध लेने पहुंचे। सेवा के इस पुनीत अभियान के तहत शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों में जीवन यापन करने वाले 51 जरूरतमंद व्यक्तियों को ऊनी कंबल भेंट कर उन्हें भीषण ठंड से राहत पहुंचाई गई।
महाराणा प्रताप सेवा संघ, जिला बारां के तत्वावधान में आयोजित इस सेवा प्रकल्प के दौरान संघ के पदाधिकारी शहर के उन सुदूर इलाकों में पहुंचे जहाँ विपन्नता और संसाधनों का अभाव आम जीवन का हिस्सा है। तेल फैक्ट्री के समीपवर्ती इलाके, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बाबजी नगर, तलावड़ा रोड और गोध्यापुरा जैसी कच्ची बस्तियों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंचकर टीम ने वास्तविक पात्रों का चयन किया। इन दुर्गम और कठिन परिस्थितियों में रहने वाले 51 महिला-पुरुषों, बालकों और बालिकाओं को जब गुणवत्तापूर्ण कंबल प्राप्त हुए, तो उनके चेहरों पर संतोष के भाव स्पष्ट नजर आए।
इस सेवा यज्ञ को सफल बनाने में महाराणा प्रताप सेवा संघ के समर्पित पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कंबल वितरण के इस महत्वपूर्ण कार्य में जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गालव के नेतृत्व में जिला संरक्षक राजेंद्र ठाकुरिया एवं पुरुषोत्तम नामा, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेश शर्मा, गोविंद शर्मा, रामेश्वर शर्मा (फतेहपुर), शशिकांत शर्मा, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण नागर, जिला मंत्री दिनेश कुमार जैन और नंदकिशोर शाक्यवाल सहित अन्य गणमान्य सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वयं अपने हाथों से सहायता सामग्री वितरित की।
सेवा का यह कारवां यहीं रुकने वाला नहीं है। संघ के पदाधिकारियों ने समाज के प्रति अपनी जवाबदेही को दोहराते हुए घोषणा की है कि आगामी 25 जनवरी, रविवार को भी इसी समर्पण भाव के साथ अभियान का अगला चरण चलाया जाएगा। अगले रविवार को पुनः 51 अन्य अपेक्षित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल वितरित किए जाएंगे। संघ का यह प्रयास न केवल ठंड से बचाव का एक साधन है, बल्कि समाज के संपन्न वर्ग के लिए एक संदेश भी है कि नर सेवा ही वास्तव में नारायण सेवा है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
