मरुधरा की धरा पर जब मकर संक्रांति के पावन पर्व पर दान-पुण्य और मिठास की बयार बह रही थी, तब बारां की सड़कों पर मानवता और सुरक्षा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के उपलक्ष्य में जिला परिवहन विभाग ने कड़वे चालानों के बजाय गुड़ और तिल्ली की मिठास से वाहन चालकों के दिलों पर दस्तक दी। जिला परिवहन अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि अनमोल जीवन को बचाने की एक 'मीठी मनुहार' बन गया, जिसने राहगीरों को रुकने और सोचने पर मजबूर कर दिया।

सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशन में आयोजित इस मुहिम के तहत एनजीओ सदस्य हरीश कुमार और प्रोग्राम मैनेजर प्रमोद पांडे ने जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों जैसे सोरसन माताजी, बैंगना, बैंगनी, श्यामपुरा और गजनपुरा से लेकर शहर के व्यस्ततम दीनदयाल पार्क, अंबेडकर सर्किल, चारमूर्ति चौराहा, प्रताप चौक और विवेकानंद सर्किल तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यहाँ हर गुजरते वाहन चालक को न केवल गजक और रेवड़ी भेंट की गई, बल्कि उन्हें जीवन की सुरक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व को बारीकी से समझाया गया। टीम ने महिला-पुरुषों को पंपलेट वितरित कर लाइसेंस बनवाने और यातायात नियमों की कड़ाई से पालना करने हेतु प्रेरित किया।

अभियान की गंभीरता को दर्शाते हुए मारुति शोरूम (भाटिया मोटर्स) पर एक विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन हुआ। यहाँ नोडल अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा ने जब सड़क हादसे की एक हृदयविदारक घटना साझा की, तो वहाँ मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों की आंखें नम हो गईं। इस भावुक क्षण के बीच सभी ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि 31 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मूल उद्देश्य जिले में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को न्यूनतम स्तर पर लाना है। इस दौरान भाटिया मोटर्स के मैनेजर संदीप शर्मा ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

संवेदनशीलता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा; एनजीओ सदस्य रघुवीर ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े मनरेगा मजदूरों के बीच पहुँचकर कार्यशाला आयोजित की, जिससे सुरक्षा का यह संदेश जन-जन तक पहुँच सके। बारां प्रशासन की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि नियम केवल दंड से नहीं, बल्कि प्रेम और समझाइश की मिठास से भी लागू किए जा सकते हैं।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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