गौरव का क्षण: बारां के 'मोंटी' ने कोटा में रचा इतिहास, राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक से हुए सम्मानित; शिक्षा के क्षेत्र में लहराया परचम
कोटा में आयोजित वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में बारां के होनहार छात्र अभिमन्यु शर्मा ने एमबीए में स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। जानिए कैसे शिक्षाविद् परिवार के संस्कारों और कड़ी मेहनत ने अभिमन्यु को इस मुकाम तक पहुँचाया।

कोटा/बारां: शिक्षा और संस्कार की नींव जब मजबूत हो, तो सफलता शोर नहीं मचाती, बल्कि इतिहास रचती है। कुछ ऐसा ही दृश्य वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू), कोटा के 18वें दीक्षांत समारोह में देखने को मिला, जब बारां जिले की प्रतिभा ने प्रदेश के सर्वोच्च गणमान्य अतिथियों के समक्ष अपनी मेधा का लोहा मनवाया। बारां निवासी अभिमन्यु शर्मा (मोंटी) को उनकी असाधारण शैक्षणिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) से नवाजा गया, जिससे पूरा हाड़ौती संभाग गौरवान्वित हो उठा है।
समारोह का वातावरण अत्यंत गरिमामयी था, जहाँ ज्ञान और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और विशिष्ट अतिथि के रूप में उप-मुख्यमंत्री एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के वाणिज्य प्रबंधन विद्यापीठ (एमबीए) में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले अभिमन्यु शर्मा को जब राज्यपाल और उप-मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया, तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह सम्मान न केवल अभिमन्यु की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह बारां जिले के शैक्षणिक स्तर को भी एक नई पहचान देता है।
अभिमन्यु की इस सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष और अटूट पारिवारिक सहयोग रहा है। नाकोड़ा कॉलोनी निवासी और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार शर्मा ने अपने पुत्र की उपलब्धि पर भावुक होते हुए बताया कि मोंटी बचपन से ही दृढ़ निश्चय और संस्कारों के प्रति समर्पित रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत के साथ-साथ मार्गदर्शक रूपी शिक्षकों के उचित निर्देशन को दिया है। अभिमन्यु विश्वविद्यालय में हमेशा से ही मेधावी छात्रों की सूची में शामिल रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा पिछले चार सत्रों का संयुक्त दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाने के कारण उन्हें इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ।
शिक्षा के प्रति समर्पण अभिमन्यु को विरासत में मिला है। उनकी माता श्रीमती चेतना शर्मा, जो वर्तमान में संबलपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उनके घर में सदैव शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उनके दोनों बच्चे अपने निश्चित लक्ष्यों के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहे हैं। अभिमन्यु के बड़े भाई भी वर्तमान में गुजरात के वापी में एक बैंक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो यह सिद्ध करता है कि उचित परवरिश और शैक्षणिक वातावरण किस प्रकार प्रतिभाओं को निखारता है।
इस विशिष्ट उपलब्धि पर बारां जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने हर्ष व्यक्त किया है। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, भाजपा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी कैलाश शर्मा, विष्णु शुक्ला, नवल शर्मा, विष्णु भारद्वाज, राजेंद्र सिंह असेफा, एडवोकेट बृजराज सिंह, सेवानिवृत्त एएसआई गोकुल शर्मा, दीपक कालरा और महेश बाबा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अभिमन्यु शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दीक्षांत समारोह में कुलपति सहित देश भर से आए सैकड़ों विद्यार्थी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने, जहाँ बारां के लाल ने अपनी बौद्धिक क्षमता से सफलता का स्वर्णिम अध्याय लिखा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
